गुरु पूर्णिमा उत्सव पर धार्मिक अनुष्ठान के साथ अन्य रचनात्मक कार्यक्रम भी होंगे

 गुरु पूर्णिमा उत्सव पर धार्मिक अनुष्ठान सहित रक्तदान एवं टीकाकरण शिविर का आयोजन होगा

नानपुर से प्रदीप क्षीरसागर की रिपोर्ट।

 खंडवा बड़ौदा रोड स्थित साईं धाम परिसर नानपुर में निर्मित साईं मंदिर का छठवां स्थापना महोत्सव व गुरु पूर्णिमा  विभिन्न धार्मिक ,सामाजिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों के साथ संपन्न होंगे।
 वर्ष 2016 में स्थापित शिर्डी साईं मंदिर की तर्ज पर बने साईं मंदिर के छठवें स्थापना उत्सव पर अनेक कार्यक्रम साईं सेवा समिति नानपुर द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं ।कोरोना गार्डनलाइन के अनुसार संपन्न होने वाले गुरु पूर्णिमा उत्सव पर सभी कार्यक्रम दिशा निर्देश के अनुरूप ही संपन्न कराए जाएंगे ।

साईं सेवा समिति के संयोजक प्रदीप क्षीरसागर ने बताया कि शनिवार 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर समिति के सदस्यों द्वारा प्रातः आरती ,अभिषेक ,यज्ञ- हवन आहुति के साथ दोपहर 12:00 बजे महाआरती एवं प्रसादी वितरण कार्यक्रम किया जाएगा । साथ ही प्रतिवर्ष अनुसार मानव सेवा हित में रक्तदान एवं कोरोना टीकाकरण शिविर का आयोजन भी परिसर में ही बने सेवा सदन में किया गया है। जिसमें सभी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए रक्तदान करेंगे एवं जिन्हें कोरोना की वैक्सीन नहीं लगी है वह वैक्सीन भी लगा सकेंगे।


 समिति के ही देवेंद्र वाणी ने आगे बताया कि कोरोना काल के इस दौर में विभिन्न धार्मिक, पर्यावरण एवं रचनात्मक आयोजन सभी जिला प्रशासन द्वारा प्राप्त निर्देश के परिपालन अनुसार ही संपन्न किए जाएंगे ।बस स्टैंड स्थित छोटे साईं मंदिर पर प्रातः 9:00 बजे आरती के बाद चुनिंदा समिति सदस्य बाबा की पालकी लेकर मंदिर पहुंचेंगे ,जहां दिन भर विभिन्न आयोजन संपन्न होंगे ।दोपहर पश्चात  साईं धाम परिसर में विभिन्न  प्रजाति के पौधे का रोपण भी गणमान्य जनों द्वारा संपन्न किया जाएगा ।इस अवसर पर साईं सेवा समिति नानपुर द्वारा सभी भक्तों एवं आम नागरिकों से निवेदन ज्ञापित किया है कि वह सोशल डिस्टेंसिंग ,मास्क एवं सैनिटाइजर का उपयोग करते हुए बारी बारी से दर्शन लाभ लेकर कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करें। आयोजन को लेकर मन्दिर की विशेष साज सज्जा की जा रही है ।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 से लगातार गुरु पूर्णिमा महोत्सव में हजारों की संख्या में भक्तजन पहुंच कर साईं बाबा की पालकी एवं शोभायात्रा में बढ़-चढ़कर सम्मिलित होते थे वहीं धार्मिक कार्यक्रम एवं भंडारा प्रसादी में भी हजारों लोगों की भागीदारी रहती थी ।किंतु कोरोना संक्रमण काल की वजह से समिति द्वारा आयोजन को सीमित स्तर पर ही संपन्न करने का निर्णय पारित किया है।
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