जिस टीआई के रहते अपराधों पर लगा था अंकुश उन्हें हटाए जाने से जनता मे नाराजगी

बारिया को फिर से आज़ाद नगर टीआई का चार्ज सोपने की मांग

आज़ाद नगर से विशाल वाणी किं रिपोर्ट

थाना प्रभारी कैलाश बारिया को हत्या के एक प्रकरण में उचित कार्रवाई नही करने पर जिला पुलिस कप्तान द्वारा बीते दिनों लाइन अटैच किया गया। थाना प्रभारी पर हुई इस कार्रवाई से  नगर की जनता में नाराजगी है, जिसका कारण एक नही अनेक है। थाना प्रभारी कैलाश बारिया ने जब से नगर में टीआई का चार्ज सम्भाला तब से  नगर में चोरियों की घटनाओ में काफी हद तक अंकुश लग गया था।  इसके अलावा अन्य अपराधों पर भी टीआई बारिया ने लगभग पूरी तरह से नकेल कस दी गई थी। 

कोरोना काल मे भी नगर में टीआई बारिया ने बड़ी मुस्तेदी से मोर्चा संभाला था। चाहे ग्रामीण हो या नगरवासी किसी को भी परेशान किये बिना, लॉक डाउन का पूरा पालन करवाया। लोगो के बीच हमेशा अपनी मौजूदगी से आम लोगो  में सुरक्षा का भयमुक्त माहौल बारिया ने तैयार किया ।

थाना प्रभारी बारिया की दिलेरी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि एक बार नगर के बस स्टैंड स्थित नदी में एक बुजुर्ग को डूबता देख 25 फिट ऊंचे पुल से अपनी जान की परवाह किए बिना बारिया  नदी में कूद गए और उस बुजुर्ग की जान बचाई थी। तब से टीआई बारिया की छबि नगर में हीरो की बनी हुई थी।

आम लोगो के बीच अल्प समय मे ही उन्होंने पुलिस की एक साफ सुथरी ओर दोस्ताना  छबि बनाई थी। बावजूद इसके अधिनिस्थो की गलती पर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करने से यहां की जनता में मायूसी ओर नाराजगी का माहौल है। लोगो ने मांग की है कि थाना प्रभारी बारिया को पुनः नगर के थाना प्रभारी का चार्ज सौपा जाएं।

इनकी भी सुनिये

नगर के जय माँ कालिका ग्रुप के अध्यक्ष गणेश अरोड़ा ने बताया कि टीआई श्री बारिया के रहते नगर में बीते 2 वर्षो में एक भी लूट ओर चोरी की घटना नही  हुई जबकि उसके पहले कितनी ही बार नगर में चोरी और दिन दहाड़े लूट की वारदात हो चुकी है। बारिया अपराधीयो के लिए एक शख्त तो आम लोगो के लिए नरम दिल अधिकारी थे। यह उनकी कार्य करने के तरीके से बीते 2 वर्षो में कई बार आभास हुआ। बारिया जैसे टीआई की जरूरत आज़ाद नगर को है उन्हें फिर से यहां पदस्त किया जाना चाहिए।

सकल व्यापारी संघ  सचिव निर्मल जायसवाल ने बताया कि नगर में पहली बार ऐसे थाना प्रभारी श्री बारिया आये जो हमेशा लोगो के बीच सड़क पर दिखे जिसका असर भी हुआ उनकी काम करने का तरीका दोस्ताना था , उनके रहते आम लोगो मे एक भयमुक्त ओर पुलिस के प्रति आदर का भाव बना था। कम समय मे यदि ऐसे अधिकारी को हटा दिया जाता है तो यह नगर के लिए  दुखद विषय है। जिला अधिकारियों को बारिया के कार्यों को देखते हुए नगर हित मे उन्हें पुनः आज़ाद नगर भेजना चाहिए।

किराना व्यापारी रितेश मोडिया ने बताया की नगर के बस स्टैंड छेत्र में बारिया के कार्यकाल में पुलिस जवान सघनता से मुस्तेद रहे, जिसका नतीजा यह रहा कि यहां  बाइक चोरी की घटनाओं में विराम लग गया था ,वरना टीआई बारिया के आने के पहले नगर में आए दिन बाइक चोरी की घटनाएं हो रही थी। आलम यह था कि प्रत्येक दिन बाइक चोरी होने लगी थी। जो टीआई बारिया के रहते बीते दो सालों में ना के बराबर हो गई। ऐसे अधिकारी को यदि यहा से हटाया जाता है तो यह ठीक नही है। जिला अधिकारियों को बीते 2 वर्ष ओर उसके पहले के 3 वर्षों का रिकार्ड चेक करना चाहिए  स्थिति स्वतः स्प्ष्ट हो जाएगी।
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