जिला प्रशासन ने कोरोना कर्फ्यू के कारण बंद करवाई थी मंडी
आशुतोष पंचोली
अलीराजपुर न्यूज।। ब्यूरो चीफ
जिला मुख्यालय स्थित शासकीय कृषि उपज मंडी में सोमवार सुबह तीन घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। जिसके कारण मंडी में आम की फसल बेचने आए किसानों को बेवजह परेशान होना पड़ा। मामला यह था कि प्रशासनिक अफसरों ने कोरोना कर्फ्यू का हवाला देकर मंडी बंद कर दी थी और उसके दोनों दरवाजों पर ताले जड़ दिए और आम के व्यापारी व आड़तिए को कोतवाली थाने पर ले जाकर बिठवा दिया। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल व विधायक मुकेश पटेल ने मंडी प्रांगण में प्रशासनिक अफसरों पर जमकर आक्रोश जताया और कहा कि किसान मंडी में आम नहीं बेचेंगे तो कहा पर बेचेंगे। कांग्रेस नेताओं के इन तीखे तेवरों के बाद प्रशासनिक अफसर माने और दोपहर में 12 बजे करीब मंडी में आम की खरीदी आरंभ हुई जिस पर किसानों ने खुशी जाहिर की।।
यह था मामला
अलीराजपुर में देशी आम की मंडी पूरे मालवा व निमाड़ अंचल में प्रसिद्ध है। यहां का देशी आम प्रदेश के दूर दूर के शहरों में बिकने के लिए जाता है। प्रति वर्ष हजारों क्विटंल देशी आम वनोपज के रुप में किसान बेचने के लिए लाते है। इस साल पूर्व की घोषणा अनुसार 17 मई सोमवार से मंडी में आम की खरीदी बिक्री आरंभ होना थी जिसकी सूचना ग्रामीण अंचल में किसानों को पहंुचाई थी किंतु जिले में कोरोना कर्फ्यू 25 मई तक बड़ा दिए जाने की वजह से प्रशासन ने सोमवार को आम की मंडी सुबह से आकर बंद कर दी। इस कार्रवाई में एसडीएम लक्ष्मी गामड़, तहसीलदार अर्जुनसिंह तिलवारे, नायब तहसीलदार, पटवारी किशोर बैरागी व बड़ी संख्या में पुलिस बल मंडी प्रांगण पहंुच गया। आम की मंडी के लिए किसान रात से अपने अपने लोडिंग वाहनों में आम बेचने के लिए लेकर आ गए थे। सुबह करीब 45 वाहनों की लंबी कतार मंडी के बाहर लग गई। इस दौरान प्रशासन ने आम व्यापारी व मंडी के आड़तिए मोहम्मद भाई फू्रटवाला को चर्चा के दौरान पकड़ कर स्थानीय थाने पर भिजवा दिया और उन्हें करीब तीन घंटे तक थाने पर बिठाकर रखा। आम बेचने आए किसानों व अन्य दलालों ने इसकी सूचना जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेश पटेल व विधायक मुकेश पटेल को दी। कुछ लोगों ने इसकी जानकारी पूर्व विधायक नागरसिंह चौहान को भी दी।।
प्रशासन की तानाशाही नहीं चलेगी
सूचना मिलने पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल व विधायक मुकेश पटेल कुछ ही देर में मंडी प्रांगण पहंुचे और मौके पर उपस्थित अफसरों पर जमकर बरसे और मंडी बंद करने पर नाराजगी जाहिर की। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेश पटेल ने तहसीलदार तिलवारे के सामने गंभीर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन का यह तानाशाही पूर्ण रवैया है और हम इस सहन नहीं करेंगे और किसानों की फसल मंडी में बिकवा कर ही रहेंगे। किसानों को अपनी फसल बेचने से प्रशासन क्यों रोक रहा है। विधायक पटेल ने कहा कि प्रशासन का किसान विरोधी बनकर काम कर रहा है जो कि अनुचित है। जिला प्रशासन को आदिवासी किसानों के साथ इस प्रकार का अन्याय नहीं करना चाहिए। हम इसका विरोध जताते है। इसी दौरान भाजपा किसान नेता भुवानसिंह चौहान व भाजपा पार्षद औछबलाल सोमानी भी मौके पर आ गए। उधर पूर्व विधायक नागरसिंह चौहान ने भी जिला प्रशासन के इस रवैए की सोशल मीडिया पर निंदा करते हुए आक्रोश जाहिर किया और कहा कि इस इस लड़ाई में किसानों के साथ है। चैहान ने कलेक्टर सुरभि गुप्ता से मंडी में किसानों को आम बेचने की मांग की।
सीएम किसान हितैषी व उनका प्रशासन किसान विरोधी
एसडीओपी श्रद्धा सोनकर ने मौके पर पहंुचकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष पटेल व विधायक पटेल से बातचीत की। उनके सामने भी पटेल ब्रदर्स ने आक्रोश जताकर प्रशासन के मंडी बंद करने पर नाराजगी जाहिर की। पटेल ने कहा कि रविवार रात को तेज बारिश व आंधी से देशी आम पेड़ से नीचे गिर गए किसान उन्हें बेचने के लिए लाए है तो प्रशासन रोक लगा रहा है। प्रदेश के सीएम स्वयं को किसानों का हितैषी व शुभ चिंतक बताते है और उनकी ही सरकार के अफसर किसानों को अपनी फसल बेचने नहीं दे रहे है।प्रशासन किसान विरोधी बना हुआ है। यह अन्याय कांग्रेस सहन नहीं करेगी और किसानों के हक की लड़ाई लड़ेगी। आम बेचने आए हुए किसान और जयस के अरविंद कनेश ने भी मंडी में आम नहीं बेचने पर नाराजगी जाहिर की और एसडीओपी सोनकर के सामने एसडीएम के रवैए की निंदा करते हुए प्रशासन के इस कदम से किसानों को परेशान होने की बात कही।
चर्चा के बाद सुलझा मामला
इसके बाद एसडीओपी सोनकर व अन्य अफसरों ने मंडी सचिव के कक्ष में करीब 15 मिनट तक सभी पक्षों से चर्चा की और अंततः मंडी में आम की खरीदी पर सहमति बनी। पश्चात आम की खरीदी आरंभ हुई और पहला ढेर 6 हजार रुपए की नीलामी में बिका। सोमवार प्रथम दिन होने से बड़ी मात्रा में देशी आम बिकने के लिए आए।



