एक्सपायरी डेट की दवाई को लेकर प्रशासन का नरम रुख किसी भी दिन जान लेवा साबित हो सकता है

 बड़े हादसे के इंतजार में है जिला प्रशासन

उधर थोक दवाई विक्रेता दुकान बंद कर हो गए रफूचक्कर

रघु कोठारी/ आशुतोष पंचोली

अलीराजपुर न्यूज। आदिवासी अंचल अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी एवं अन्य जिले में एक्सपायरी डेट की दवाई धड़ल्ले से बिक रही है और इसके सरगना एक्सपायरी डेट दवाई बेचने के  कारोबार में लगे हुए है जो गरीब लोगों की जान माल की परवाह किए बगैर अपना आर्थिक उल्लू सीधा करके करोड़ों की अकूत संपत्ति के मालिक बन बैठे है। गत दिनों इस मामले को अलीराजपुर न्यूज के द्वारा संज्ञान लिया गया था इसके बाद जिला प्रशासन ने भी संज्ञान लिया और एक्सपायरी डेट की दवाई ग्रामीण अंचल में परोसने वाले दवाई के दो थोक विक्रेता सुनिल एंड सुनिल के यहां छापा मारकर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में  एक्पायरी डेट की दवाईयों को जब्त करते हुए कार्रवाई की। लेकिन प्रशासन की हल्की फुल्की कार्रवाई के चलते आज भी इन रसूखदार, ब्लैक मैलरों व काले धंधे करने वालों के हौंसले बुलंद है जो प्रशासन की कार्रवाई से बैखोफ होकर अपने  इस पुराने धंधे में फिर से सक्रिय हो गए है। जिला प्रशासन आलीराजपुर की कार्रवाई से इस गोरखधंधे में शामिल दोनों थोक व्यापारियों ने कुछ समय के लिए हड़कंप जरुर मच गयां लेकिन इन दोनों व्यापारी प्रतिष्ठानों के मालिकों ने अपनी कार्यशैली बदलते हुए एक्सपायरी डेट की दवाईयों को सप्लाय करने के अड्डे बदलकर नई कार्यप्रणाली को अंजाम देते हुए अपने इस कारोबार को संचालित करने से बाज नहीं आ रहे है। जिला प्रशासन यदि अपनी दिखावटी कार्रवाई के चलते कुंभकरनी निंद में सोता रहा तो किसी भी दिन यह गोरखधंधे का काला खेल प्रशासन के लिए गले की हड्डी बन कर जानलेवा साबित हो सकता है। प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ द्वारा बारबार प्रशासन को चेतावनी दी जा रही है इसके बावजूद  हल्की फुल्की कार्रवाई कर प्रशासन अपनी जिम्मेवारी से बचकर केवल खानापूर्ति करने में लगा हुआ है। जिससे इन गोरखधंघे वालों को अघोषित संरक्षण मिल रहा है। ऐसा साबित होता है परंतु इसका खामियाजा किसी ओर को नहीं इस आदिवासी अंचल के लोग जो ग्रामीण क्षेत्रों में निवास कर रहे है और अशिक्षा से ग्रसित है उन्हें जान माल के साथ भुगतना पड़ सकता है। ऐसी स्थिती में पाक साफ होकर एक्सपायरी डेट की दवाई को बेचने वाले दोनों थोक व्यापारी तो अपने धन का सहारा लेकर भाग निकलेंगे ओर सोया हुआ प्रशासन सांप निकलने के बाद लकीर पिटते रह जाएगा। हमेशा ऐसा संगीन मामलों में लाठी पिटते नजर आएगा। वक्त के हिसाब से इन दोनों थोक विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। ऐसे संगीन मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को इन दोनों कारोबारियों का लायसेंस निरस्त कर इस गंभीर मामले को अन्य जांच एजेंसी के सुपुर्द करना चाहिए ताकि काले धंधे से करोड़़ों की अकूत संपति हासिल करके जिसके सहारे रसूख जिंदगी का लाभ ले रहे है इसका खुलासा हो सके। लोगों का इलाज करने के नाम से इनकी जान माल से फैलने वाले इन कारोबारियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार के गोरखधंघे करने वालों की रुह कांपने लगें है ज्ञात हुआ कि ये दोनों थोक व्यापारी ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों फर्जी चिकित्सकों को एक्सपायरी डेट की दवाई सप्लाय करने में लगे हुए है। 




तीन दिनों से दुकाने बंद कर हुए रफूचक्कर

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुनिल एंड सुनिल के नाम से विख्यात दो एक्सपायरी डेट की दवाई के थोक व्यापारी पिछले तीन दिनों से अपनी अपनी दुकाने बंद कर अज्ञात स्थानों पर चले गए है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक सुनिल बड़ौदा या इंदौर व दूसरा कोटा राजस्थान की ओर कूच कर गया है। अब यह देखना गौरतलब होगा कि ये दोनो ंसुनिल एंड सुनिल अपनी थोक दुकानें कब खोलते है क्यों कि इनकी दुकाने बंद होने से जिले के कई फर्जी डाक्टरों की दुकानों पर भी दवाईयों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है जिससे उनमें कोहराम मचा हुआ है। इस पूरे मामले में जिले के कई फर्जी डाक्टर अपने अपने राजनीतिक आकाओं के दरवाजें पर चक्कर लगा रहे है। ये फर्जी डाक्टर जो चुनावों के समय राजनीतिक दलों व उनके प्रत्याशियों को चंदा देने की बात कह कह कर अपना मतलब निकालने की जुगत में है। ऐसी जानकारी मिली है कि कई फर्जी डाक्टरों ने इस मामले में अपने राजनीतिक आकाओं से भी संपर्क किया है किंतु उनकी भी प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री शिवजराजसिंह चौहान द्वारा अवैध कार्य करने वाले माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के दिए गए निर्देशों के चलते वे विचार कर रहे है कि क्या करे क्या ना करे। 

फिलहाल अलीराजपुर न्यूज पोर्टल ने इस पूरे मामले में हकीकत बयां कर दी है आगे के अपडेट जानने के लिए बने रहिए अलीराजपुर न्यूज पोर्टल के साथ।


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