पर्यावरण जनजागरण यात्रा में २५००० लोगो को संकल्पित करवाया

सोडंवा से सुजीत कुशवाह की रिपोर्ट 
दिनांक १५ दिसंबर २०२० ओम्कारेश्वर  परिक्रमा प्रारम्भ होकर  १० जनवरी २०२१ ओम्कारेश्वर में पूर्ण हुई । 
अखिल भारतीय मां नर्मदा भक्त मंडल के राष्ट्रीय संयोजक परम पूज्य संत उपेंद्र बाबा एवं विमल दास जी महाराज नारेश्वर बड़ौदा गुजरात  के सानिध्य में रणछोड़ पाटीदार , महादेवजी , रामकिशन नागर , मानवेन्द्र राजपूत , महेशजी , घनश्याम कामदार , संतोषजी , ओमप्रकाशजी  उनके साथ चले ।

  
 २६ दिवसीय इस यात्रा विभन्न गावो में पर्यावरण सवरक्षं समन्धित २५ हजार जनजागरण पत्रक एवं ५ हजार स्टिंगर वितरित किये गये प्रतिदिन मार्ग में २ - ३ पर्यावरण सगोष्ठियां में २५००० लोगो को संकल्पित करवाया । पूरी यात्रा में ५ जिले के १० कार्यकर्ता  साथ चलै ।

 संगोष्ठीयो में मां नर्मदा शुद्धिकरण, पर्यावरण संरक्षण, गौ संवर्धन , जैविक कृषि विषय पर चर्चाये हुई इस यात्रा में कालेज विद्यार्थियों , प्रबुद्धजन , ग्रमीणों की ४५ बैठकों के माध्यम से जनजागरत्र किया ३५०० लोगो ने अपने अपने खेतों पर , घरो में पौधे लगाकर वृक्ष करने तथा रोड पर घुमरही गायो में से एक-एक गाय पालने का संकल्प लिया । 

 उपेंद्र बाबा राष्ट्रीय संयोजक मां नर्मदा भक्त मंडल ने बताया गौमाता के बिना जैविक कृषि की कल्पना करना व्यर्थ है , गोऊ की रक्षा करनी पड़ेगी तभी हम देश मे जैविक कृषि को बड़ा सकते है ।नदियां संस्कृति का प्रभाव एवं जीवन है नदियां संस्कृति संस्कार ममत्व का प्रवाह है जल जीवन एवं नदियों के प्राण हैं प्राणों की रक्षा करना हमारा दायित्व है आइए मां नर्मदा को पुनः प्रवाहमान करने हेतु इस अभियान में जुड़ कर इसके किनारे वृक्ष लगाये , ताकि मैय्या  का प्रवाह अक्षुण्य रहे
३६०० किलोमीटर की परिक्रमा में प्रतिदिन १२५ से १५० किलोमीटर की दूरी तय करते थे ।
उक्त जानकारी यात्रा सयोजक रणछोड़ पाटीदार ने दी।इसी तारतम्य मै एक कार्य क्रम का आयोजन किया गया जिसमें 
सोंडवा में 22 को ग्रामीणों की बैठक हुई  वहा पर परिक्रमा वासियों को  चाय पान कराया गया |

 

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