सड़क, बिजली और पर्यटन विकास के मुद्दे वर्ष भर गर्माते रहे
कट्ठीवाड़ा से प्रेम गुप्ता की रिपोर्ट
साल बीत गया, सरकार आई और चली भी गई और फिर से नई सरकार आई पर कट् ठीवाड़ा क्षेत्र की जनता के लिए सड़क, बिजली और पर्यटन विकास के मुद्दे साल भर ज्वंलत बने रहे। 2021 का आगमन जनता के लिए परेशानी भरे इन मुद्दों को हल कर पाएगा यह स्थानीय सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।
36 किमी सड़क मार्ग है बड़ा मुद्दा
गत चार-पांच वर्षों से कट् ठीवाड़ा क्षेत्र की लगभग 50000 की जनता को इस मुद्दे ने बहुत प्रभावित किया। इस मुद्दे पर जनता की नाराजगी ने राजनीतिक समीकरणों तक परिवर्तित कर दिया और क्षेत्र में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ। जनता में क्षेत्र के प्रमुख सड़क मार्ग की दुर्दशा के प्रति इतनी नाराजगी थी कि बताते है कि सत्ता पक्ष के समर्थक लोगों तक ने विरोध में मतदान किया और तत्कालीन विधायक माधोसिंह डावर को हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस की कलावती भूरिया जीती। उनके द्वारा सड़क निर्माण के लिए तत्कालीन कमलनाथ सरकार से बड़ा बजट भी स्वीकृत करवाया गया किन्तु अचानक सरकार के गिर जाने से जनता में फिर से इस सड़क के बारे में अनिश्चितता छा गई, जनता को फिर से लगने लगा कि अब यह यह सड़क कैसे बनेगी। परन्तु हाल ही में विधायक कलावती भूरिया ने सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन कर जनता में यह उम्मीद जगा दी गई की सड़क निर्माण कार्य फिर से प्रारंभ होने ही वाला है। किंतु भूमि पूजन के बाद से सड़क निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं होने से जनता में फिर से कयास लगाए जा रहे हैं क्या कि यह सड़क बनेगी ? आजाद नगर से कट्ठीवाड़ा बडाखेड़ा तक के 36.6 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण के लिए बाकायदा 184 करोड़ रुपए रुपए घोषित हो चुके हैं और उसके लिए गुजरात स्थित कंपनी को ठेका तक दिया जा चुका है जा चुका है जा चुका है किंतु बताया जाता है की एशियन डेवलपमेंट बैंक की ओर से से कंपनी को फाइनैंशल स्वीकृति नहीं मिल पाने के कारण अभी तक कंपनी द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका है। लोगों को उम्मीद है कि स्थानीय विधायक कलावती भूरिया जो कि अपने जुझारूपन और संघर्षों के लिए पहचानी जाती है, वह इस निर्माण कार्य को नव वर्ष में प्रारंभ कर जनता को एक नई सौगात देगी।
विद्युत ग्रिड बना पर अधूरा रहा
कट् ठीवाड़ा क्षेत्र की जनता को अपने वर्षों के संघर्षों के बाद बिजली समस्या से मुक्ति मिली और 33 केवी क्षमता का ग्रेड का ग्रेड क्षमता का ग्रेड का ग्रेड बनकर तैयार भी हो गया, किंतु जनता अपनी खुशियों को पूरी तरह से व्यक्त भी नहीं कर पाई थी की बिजली के बार-बार होने वाली ट्रिपिंग बार-बार होने वाली ट्रिपिंग होने वाली ट्रिपिंग उसके लिए एक नई समस्या बन गई। बिजली का बार-बार जाना लोगों को परेशान करने लगा जब लोगों ने यह पता किया कि ग्रिड बनने के बाद इस तरह की परेशानी क्यों आ रही है तो पता चला कि ग्रिड तो बन गया है किंतु उसका निर्माण पूर्ण नहीं हो पाया है। इसमें तीन फीडर बनाए जाने थे किंतु मात्र एक फीडर फीडर से ही बहुत बड़े क्षेत्र का संचालन होने लगा। जिसके कारण किसी एक क्षेत्र में बिजली की ट्रिपिंग होने से पूरे विद्युत क्षेत्र की सप्लाई को बंद करना पड़ता है। इतने बड़े क्षेत्र में अनेक जगह वनांचल होने के कारण फाल्ट होते हैं जिसके कारण सारे क्षेत्र को बार-बार बिजली सप्लाई बन्द रहने की समस्या से दो-चार होना पड़ता है। 2018 में ग्रिड निर्माण तो हुआ किंतु उसके सभी फीडर नही बनने के कारण बिजली की समस्या क्षेत्र में बनी हुई है। जनता को उम्मीद है कि आया नया वर्ष 2021 में सभी फीडर बन जाने से क्षेत्र को विद्युत सप्लाई के बार-बार होने वाले फाल्ट से मुक्ति मिलेगी।
कब होगा पर्यटन विकास
हरे भरे वृक्ष, नदीयां, कल कल बहते झरने, जंगलों में विचरते वन्य प्राणी, क्या नहीं है कट् ठीवाड़ा में। सुबह का सिंदूरी सूर्योदय और शाम को अस्त होते सूर्य के मनभावन दृश्य को निहारती अनेक पर्यटक जोड़ी आंखें यहां आती है, और सोचती है इतने खूबसूरत स्थान पर शाशन सुविधाएं क्यों नहीं देती है। सोचती जनता भी है क्योंकि आज से लगभग 10 वर्ष पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्षेत्र में घोषणा की थी क्षेत्र को पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा। उस घोषणा के लिए क्षेत्र की जनता अब तक टकटकी लगाए इंतजार कर रही है कि यहां पर पर्यटन केंद्र के रूप में विभिन्न क्षेत्रों को विकसित किया जाए। यहां पर धार्मिक पर्यटन , सांस्कृतिक पर्यटन और प्राकृतिक पर्यटन की जो समृद्ध समृद्ध जगहें है, जैसे झरना, चटलीयापानी और रतन माल वाइल्ड लाइफ सेंचुरी इन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर क्षेत्र की आदिवासी बहुल जनता को विकास के नए आयामों से जोड़ा जोड़ा जाए। जनता ने अनेक बार मांग की, जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिए पर अभी तक इस संबंध में किसी तरह की कोई पहल शुरू होती नहीं दिखाई दीहै। हां प्रशासनिक स्तर पर अनेक योजनाएं जरूर बनी जैसे इको पर्यटन केंद्र के रूप में विकास, झरना क्षेत्र का पर्यटन स्थल के रूप में विकास, डूंगरी माता का पर्यटन स्थल के रूप में विकास किंतु राजनीतिक रूप से किसी तरह की पहल होती नहीं दिखाई दी।
ये कहना है इनका
1-इस वर्ष 2021में पर्यटन विकास की भी एक सौगात मिले, यह अपेक्षा जनता को रहेगी यह कहना है क्षेत्र की सामाजिक कार्यकर्ता और कल्याणी संस्था की प्रमुख साधना हैविंग का। उनके अनुसार कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में इतने वर्षों से सड़क, बिजली और पर्यटन विकास की जो मांग जनता करती आ आ रही है उसके बारे में अभी तक किसी राजनीतिक स्तर पर पहल में कमी से यह हैरानी होती है। जनता जो चाहती है आखिर वह हो क्यों नहीं पाता है। जनता की भावनाओं को, उसकी समस्याओं को जाना क्यों नहीं क्यों नहीं आता, समझा क्यों नहीं जाता।
2-क्षेत्र के जागरूक युवा सतीश चौहान का कहना है कि 2021 में क्षेत्र की तीन प्रमुख मांगों के ऊपर निश्चित रूप से यहां के राजनीतिक के राजनीतिक के राजनीतिक से यहां के राजनीतिक के राजनीतिक निश्चित रूप से यहां के राजनीतिक के राजनीतिक के राजनीतिक ऊपर निश्चित रूप से यहां के राजनीतिक के राजनीतिक के राजनीतिक से यहां के राजनीतिक के राजनीतिक निश्चित मांगों के ऊपर निश्चित रूप से यहां के राजनीतिक के राजनीतिक के राजनीतिक से यहां के राजनीतिक के राजनीतिक निश्चित रूप से यहां के राजनीतिक के राजनीतिक के राजनीतिक ऊपर निश्चित रूप से यहां के राजनीतिक के राजनीतिक के राजनीतिक से यहां के राजनीतिक के राजनीतिक निश्चित रूप से यहां के राजनीतिक के राजनीतिक के राजनीतिक नेतृत्व को प्रभावी पहल करनी चाहिए और शीघ्र ही यहां पर सड़क, बिजली और पर्यटन विकास के लिए कोई ठोस योजना प्रारंभ करनी चाहिए।
3-क्षेत्र के के युवा और हिंदू युवा जनजाति मोर्चा के प्रमुख नितिन वाखला और हरसिह कलेश के अनुसार नया वर्ष 2021 जनता की मांगो के निराकरण का वर्ष होना होना चाहिए और जनता के लिए सौगात पूरी होने की उम्मीद है, क्योंकि अब सरकार बदली है।
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