जिले में एक लाख 59 हजार 380 आयुष्मान भारत योजना के कार्ड पात्रताधारियों को जारी हुए
आशुतोष पंचोली
अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती सुरभि गुप्ता के मार्गदर्षन एवं दिषा निर्देषन में जिलेभर में आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्रता धारियों के कार्ड बनाए जा रहे है। इसके लिए जिलेभर में षिविरों का आयेाजन किया जा रहा है। इन षिविरों के माध्यम से प्रतिदिन जिलेभर में बडी संख्या में पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान भारत योजना के कार्ड बनाए जा रहे है। जिले में 14 दिसंबर 2020 से लगातार षिविरो के माध्यम से उक्त योजना के कार्ड बनाने के कार्य में तेजी से प्रगति आई है। जिले में अब तक एक लाख 59 हजार 380 पात्रता धारियों के कार्ड बनाए जाने का काम पूर्ण हो चुका है। शेष लक्षित पात्रता धारियों के कार्ड बनाने का कार्य भी यथावत जारी है। 31 जनवरी 2021 तक जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनाए जाने का कार्य षिविरों के माध्यम से व्यापक रूप से संचालित होगा। नगरीय सहित ग्रामीण इलाकों के आमजन पूरे उत्साह से उक्त षिविरों में कार्ड बनवाने के लिए पहुंच रहें है। कलेक्टर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने आमजन से आह्वान किया है कि जिलेभर में आयुष्मान भारत योजना के कार्ड लोक सेवा केन्द्रों एवं सीएससी के माध्यम से षिविरों में बनाए जा रहे है। उक्त कार्ड बनाए जाने हेतु खाद्यान्न पर्ची धारक, संबल कार्ड धारी, एसईसीसी सूची में जिनके नाम है ऐसे परिवार के मुखिया एवं सदस्य आयुष्मान भारत योजना के कार्ड बनवाने हेतु अपना आधार कार्ड, पात्रता पर्ची, मोबाइल नं. लेकर षिविर स्थल पर पहुंचकर संपर्क कर उक्त कार्ड बनवा सकते है। उन्होंने बताया लक्ष्य अनुसार पात्र व्यक्तियों के कार्ड बनाए जाने हेतु जिले में व्यापक स्तर पर षिविरों का आयोजन किया जा रहा है। षिविर में माध्यम से अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों के योजना के तहत आयुष्मान भारत योजना के कार्ड बनाए जाने की व्यवस्था हेतु समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार एवं अन्य अधिकारीगण नियमित माॅनिटरिंग करके प्रत्येक षिविर स्थलों पर कार्ड बनाए जाने की व्यवस्था के साथ - साथ कार्ड बनाए जाने की प्रगति की माॅनिटरिंग भी कर रहे है।
कुएं में डूबने से मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता स्वीकृत
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अलीराजपुर श्रीमती लक्ष्मी गामड ने ग्राम कुकावाट निवासी छाया पिता राधू 15 वर्ष की कुएं में डूबने से मृत्यु होने पर पीडित परिवार के वैध वारिस का चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। उक्त सहायता राषि तत्काल पीडित परिवार को प्रदान करने के आदेष जारी किये है।
सडक दुर्घटना में मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता स्वीकृत
अपर कलेक्टर श्री सुरेष चन्द्र वर्मा ने ग्राम खंडाला निवासी संतोष पिता गुमानसिंह निंगवाल 25 वर्ष की सडक दुर्घटना में मृत्यु होने पर पीडित परिवार के वैध वारिस को 15 हजार रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। उक्त सहायता राषि तत्काल पीडित परिवार को प्रदान करने के आदेष जारी किये है।
सर्पदंष से मौत पर आर्थिक सहायता स्वीकृत
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अलीराजपुर श्रीमती लक्ष्मी गामड ने ग्राम सेजगांव निवासी चमी पिता वालसिंह 12 वर्ष की सर्पदंष से मृत्यु होने पर पीडित परिवार के वैध वारिस का चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। उक्त सहायता राषि तत्काल पीडित परिवार को प्रदान करने के आदेष जारी किये है।
मकान क्षतिग्रस्त होने पर आर्थिक सहायता स्वीकृत
तहसीलदार सोंडवा द्वारा सोंडवा तहसील कें ग्राम वालपुर निवासी भुवानसिंह पिता झंुगा मकान क्षतिग्रस्त होने पर पीडित परिवार को तीन हजार 200 रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।
कृषि विभाग ने कृषकों के लिए जारी की एडवाइजरी
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला अलीराजपुर श्री केसी वास्कले ने बताया म.प्र. रबी फसलों में पाले से कैसे बचाव करें इसके लिए जिले के किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। उन्होंने बताया जिले में रबी मौसम में मुख्यतः गेहॅू, चना, मक्का एवं सब्जी फसले बुआई की गई है। पष्चिम विक्षोभ के कारण जलवायु असामान्य होने के कारण शीतकाल में हवा की दिषा उत्तरायण होने पर तापमाान लगातार गिर रहा है। यदि तापमान 5 डिग्री सेन्टीग्रेड से नीचे होने पर पाला पडने की सम्भावना अधिक बढ जाती है।ऐसी स्थिति से बचाव के लिये उप संचालक कृषि अलीराजपुर श्री के.सी.वास्केल द्वारा किसानों को उपाय एवं सलाह दी जा रही है। जब पाला पड़ने की संभावना हो तब खेत में सिंचाई कर देनी चाहिए नमीयुक्त खेत में काफी समय तक गर्मी रहती है और भूमि का तापमान एकदम से कम नहीं होता है। जिस रात पाला पड़ने की संभावना हो उस रात में 12 से 2 बजे के बीच खेत के किनारे फसल के आस पास पष्चिम दिषा में खेत के किनारे फसल के आस पास की मेडो पर 10-20 फुट के अन्तर पर कुडा कचरा घास फूस जलाकर धुआ करना चाहिए ताकि वातावरण में गर्मी आ जाए। जब पाला पडने की संभावना हो उन दिनों सभी प्रकार की फसलों पर 20 से 25 किग्रा प्रति हैक्टयर सल्फर डस्ट या घुलनषील सल्फर 3 ग्रा्रम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करने तथा घुलनषील छरूच्रूज्ञ उर्वरक का स्प्रे से भी पाले के असर को नियंत्रित किया जा सकता है तो सुबह -सुबह एक लंबी रस्सी पकडकर इस तरह चलें कि रस्सी की रगड से पौधे हिल जाए और पौधों पर जमी बर्फ या ओस की बूंदे झड़कर गिर जाए ऐसा करने से भी कुछ हद तक पाले के नुकसान से बचाव किया जा सकता है।
कट्ठीवाडा बीईओ, बीआरसी ने बैठक लेकर संबंधित प्राचार्यो को जानकारी साझा की
कट्ठीवाडा बीईओ श्री अच्छेलाल प्रजापति एवं बीआरसी श्री शंकर जाटव ने ”एक परिसर एक शाला” के संबंध में जनपद षिक्षा केन्द्र कार्यालय कट्ठीवाडा में बैठक के माध्यम से संबंधित प्राचार्य एवं षिक्षकगण को आवष्यक जानकारी प्रदान की। बैठक में विभिन्न शासकीय विद्यालय के ंप्राचार्यगण उपस्थित थे। बैठक को संबोधित करते हुए बीईओ श्री प्रजापति एवं बीआरसी श्री जाटव ने बताया कि एक परिसर एक शाला के तहत 150 मीटर की परिधि में एक ही परिसर में सम्मिलित प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं जो पृथक-पृथक इकाई के रूप में संचालित है तथा उक्त विद्यालयों का शैक्षणिक एवं प्रशासकीय नियंत्रण अलग-अलग प्रधानाध्यापक अथवा प्राचार्य के द्वारा किया जा रहा है, को एक ही परिसर में स्थित विभिन्न विद्यालयों में उपलब्ध मानवीय एवं भौतिक संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग एवं एक ही परिसर में संचालित आश्रम शालाओ, प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी को एकीकृत विद्यालय के रूप में संचालित किया जाना है। एक परिसर में संचालित विभिन्न स्तर की शालाओं के एकीकरण उपरांत एकीकृत शाला का नाम वरिष्ठ स्तर की शाला के नाम से जाना जावेगा। उन्होंने बताया यदि किसी शाला परिसर में वर्तमान में कोई शाला किसी महापुरूष, विभूति के नाम से संचालित है, तो एकीकृत शाला का भी वही नाम रखा जावेगा। साथ ही ‘‘एक परिसर एक शाला‘‘ के चिन्हांकन के उपरांत पूर्व से संचालित विद्यालय जो 150 मीटर की परिधि में नही आते है, वे सभी विद्यालय यथावत संचालित होगें। एक परिसर में स्थित समस्त विद्यालयों का शैक्षणिक एवं अन्य अमला एकीकृत विद्यालय के अमले के रूप में माना जाकर यथावत कार्य करता रहेगा एवं एकीकृत शाला के प्राचार्य, प्रधानाध्यापक के प्रशासकीय नियंत्रण में कार्य करेगा। उन्होंने बताया ‘‘एक परिसर एक शाला‘‘ का मुख्य उद्देश्य 150 मीटर की परिधि में एक ही परिसर में विभिन्न विद्यालयों में उपलब्ध माननीय एवं भौतिक संसाधनों का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग किया जाना है। इस व्यवस्था से पूर्व से संचालित कोई भी संस्था प्रभावित नही होगी। उन्होंने उक्त कार्य को बेहतर ढंग से मैदानी स्तर पर क्रियान्वित किये जाने संबंधित आवष्यक दिषा निर्देष भी दिए। उन्होंने कट्ठीवाडा विकासखंड की मैदानी स्तर की कार्ययोजना को बेहतर और प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने संबंधित आवष्यक दिषा निर्देष देते हुए समय सीमा में उक्त कार्य को पूर्ण करने के निर्देष भी दिए।
षिक्षक दक्षता परीक्षा 3 एवं 4 जनवरी 2021 को
जिला षिक्षा अधिकारी श्री संजय सिंह तोमर ने बताया सत्र 2019-20 में मंडल की कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में 0 से 40 प्रतिषत परीक्षा परिणाम वाले एवं हाई स्कूल हायर सेंकेडरी विद्यालय एवं इनके केंचमेंट की माध्यमिक शालाओं के विषय षिक्षकों की दक्षता आंकलन हेतु परीक्षा का आयोजन हो रहा है। हाई स्कूल, हायर सेंकेंडरी विद्यालय के षिक्षकों की दक्षता परीक्षा 3 जनवरी 2021 को दोपहर 12 से 3 बजे तक शा. जिला उत्कृष्ट उमावि अलीराजपुर आयोजित होगी। इस परीक्षा में 39 षिक्षक सम्मिलित होंगे। 4 जनवरी 2021 को दोपहर 12 से 3 बजे तक माध्यमिक विद्यालय के षिक्षकों की दक्षता परीक्षा उत्कृष्ट उमावि अलीराजपुर में जहां 193 षिक्षक एवं शासकीय कन्या उमावि अलीराजपुर बस स्टेंड के पास स्थित विद्यालय में जिसमें 210 षिक्षकगण सम्मिलित होंगे।

