जोबट तहसीलदार निर्भय सिंह पटेल व नायब तहसीलदार वंदना किराड़े भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरे हुवे है

मांगे नहीं मानी जाएगी तो हड़ताल रहेगी जारी

"सुरक्षा नहीं तो कार्य नहीं "

तहसीलों के कार्य हुवे ठप, जनता परेशान

जोबट से हर्षित शर्मा की रिपोर्ट

सतना के नायब तहसीलदार पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपीयों को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई ओर इसके साथ ही तहसील कोतमा अनूपपुर के अनुविभागीय अधिकारी तहसीलदार व तहसील कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले अभिभाषक के ऊपर प्राथमिकी दर्ज ओर उनका लाइसेंस रद्द करने आदि कि मांगों को लेकर जोबट तहसीलदार निर्भय सिंह पटेल एवं नायब तहसीलदार वंदना किराडे भी मध्यप्रदेश राजस्व अधिकारी संघ के आवाह्न पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरे हुवे है।लगातार कई दिनों से अधिकारियों के अवकाश पर होने के कारण राजस्व से जुड़े कामकाज ठप हो रहे हैं जिससे जनता को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

तहसीलदार निर्भय सिंह पटेल ने बताया कि तहसीलदार व नायब तहसीलदारों के साथ अभद्र व्यवहार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था।और 21 दिसंबर से लेकर 25 दिसंबर तक का टाइम भी दिया था लेकिन दिए गए समय में कार्रवाई नहीं होने से 28 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई है। मांगे नहीं मानी जाएगी तो हड़ताल जारी रहेगी सुरक्षा नहीं तो कार्य नहीं।

इनके खिलाफ की गई थी कार्रवाई की मांग

नायब तहसीलदार वंदना किराड़े ने बताया कि तहसील उचेहरा सतना में नायब तहसीलदार शैलेंद्र बिहारी शर्मा के ऊपर जानलेवा हमला करने वाले नामजद आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की गई थी इसके साथ ही तहसील कोतमा अनूपपुर के अनुविभागीय अधिकारी तहसीलदार व तहसील कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले और कानून को तोड़ने वाले अभिभाषक के ऊपर प्राथमिकी दर्ज है उनका लाइसेंस रद्द करने की मांग की गई थी जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई जिसके चलते राजस्व अधिकारियों में आक्रोश लगातार बढ़ता ही जा रहा है जिसके चलते कार्यों का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है।

तहसीलदारों की हड़ताल से कोर्ट में नहीं हो रही है पेशियां राजस्व विभाग के सारे काम ठप

तहसीलदार व नायब तहसीलदार की हड़ताल पर जाने से कई कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। हड़ताल के चलते जोबट तहसील में लोग परेशान होते हुए नजर आ रहे हैं। यहां तहसीलदार के ना मिलने से तहसील के कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं मुख्य रूप से तहसीलदार कोर्ट में किसी भी प्रकरण की सुनवाई नहीं हो रही है छोटे-छोटे मामले में पेशियां नहीं होने से ओर पेशियां आगे बढ़ने से लोगों को दोबारा आना जाना पड़ेगा। इसके अलावा आकास्मिक घटना या फिर बड़ी कार्रवाई होती है तो ऐसे हालात में तुरंत पहुंचने वाले अधिकारियों कि हड़ताल के चलते नहीं जाएंगे जिससे प्रशासन की परेशानी बढ़ सकती है।

जोबट तहसील में यह काम भी हो रहे प्रभावित

कृषि भूमि का सीमांकन,बटवारा और डायवर्सन नहीं हो रहा है।

लोक सेवा केंद्रों में होने वाले कई कामकाज अटक गए हैं।

तहसीलदार कोर्ट में जो भी प्रकरण चल रहा है उन पर कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।

तहसीलदारों के ना होने से दूसरे विभागों में भी कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
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