किसानों और मजदूरों के हित में दोनों पूर्व विधायकों ने विधानसभा में कितनी बार उठाएं सवाल, जनता को बताएं हिसाब- विधायक पटेल व भूरिया
अलीराजपुर न्यूज़ डेस्क
जिले में भाजपा के दोनों पूर्व विधायक नागरसिंह चैहान और माधौसिंह डावर ने 15 साल के भाजपा के शासनकाल में कभी जनता और किसानों के हित में काम नहीं किया। ये दोनों पूर्व विधायक सिर्फ अपना विकास करने में ही लगे रहे। यदि ये जनता और किसानों के हित में ईमानदारी से काम करते तो आलीराजपुर और जोबट के इन नेताओं को जनता 2018 के चुनाव में बुरी तरह से नहीं हराती। जिले की जनता इन दोनों पूर्व विधायकों की जालसाजी को अच्छी तरह से समझ चुकी है। आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी इन्हें अपना प्रत्याषी भी घोषित नहीं करेगी ऐसे में ये दोनों नेता अपना राजनैतिक अस्तित्व बचाने और अपनी साख कायम रखने की छटपटाहट में उलुल जुलुल बयानबाजी कर पब्लिीसीटी हासिल करने के प्रयास में लगे रहते है। ये बात विधायक मुकेष पटेल और कलावती भूरिया ने पूर्व विधायकों द्वारा सोमवार को भाजपा द्वारा कोरोना काल में सोषल डिस्टेंसिंग की धज्जिया उडाकर निकाली गई रैली और धरना प्रदर्षन के दौरान कांग्रेस विधायकों पर अमर्यादित बयानबाजी के जवाब में मंगलवार को कही।
किसानों और मजदूरों के हित में कितनी बार विधानसभा में उठाए सवाल
विधायक पटेल ने कहा कि पूर्व विधायक चैहान और डावर ने अपने कार्यकाल के दौरान किसानों और मजदूरों के हित में कितनी बार विधानसभा में सवाल उठाए और उनके विकास में क्या कार्य किए। यदि इन दोनों पूर्व विधायको ने 15 साल के भाजपा के शासनकाल में ईमानदारी से कार्य किया होता तो आज जिले की जनता सडक, बिजली, पानी सहित अन्य समस्याओं का सामना नहीं कर रही होती। इन्होने सिर्फ अपना और अपने परिवार तथा कार्यकर्ताओं के विकास पर ही ध्यान दिया। इसी कारण दोनों विधानसभा क्षेत्र की जनता आज भी अनेकों समस्याओं से जूझने को मजबूर है। जिनकी समस्याओं के निराकरण के लिए मै और बहन कलावती भूरिया हर दिन प्रयासरत रहते है और जिले से लेकर भोपाल तक आवाज उठाकर जनता व किसानों के हित में लगातार कार्य कर रहे है।
तत्कालीन कलेक्टर के प्रयासो से उडद की फसल बीमें के लिए हुई अधिसूचित
विधायक पटेल ने कहा कि पूर्व में 2015-16 के दरम्यान तत्कालीन कलेक्टर शेखर वर्मा के अथक प्रयासों से उडद को शासन ने बीमे के लिए अधिसूचित किया था। जिसके चलते तत्समय किसानों को 17 करोड रूपए फसल बीमा के रूप में मिले थे और इसके सहित कुल 39 करोड रूपए का मुआवजा किसानों को मिला था। जिसका पूरा श्रेय तत्कालीन कलेक्टर शेखर वर्मा को जाता है। लेकिन दोनो पूर्व विधायक इसका झूठा श्रेय लेकर खुद को मसीहा साबित करने में लगे रहते है। जबकि इन्होने कभी किसानों के हित में कभी आवाज नहीं उठाई।
आपकी सरकार है तो जिले के हर किसान को शत प्रतिषत मुआवजा दिलवाएं- विधायक मुकेष पटेल विधायक पटेल ने दोनों पूर्व विधायकों को चुनौती देते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेष में भाजपा की सरकार है। ऐसे में यदि दोनों पूर्व विधायकों को जिले के हर किसान को शत प्रतिषत मुआवजा दिलवाना चाहिए। लेकिन ये दोनों नेता सिर्फ थोथी बयानबाजी व प्रदर्षन कर वाहवाही बटोर कर इतिश्री कर लेंगे और जिले का गरीब किसान व मजदूर पहले की तरह खुन के आंसू बहाता रहेगा। भाजपा ने जिले के किसानों का हमेषा शोषण ही किया है और हमेषा इन्हें अपना वोट बैंक समझा है। कभी भी किसानों के सुख दुख में भाजपा नेता खडे नहीं हुए।
सबसे पहले मैने ही उठाई आवाज
इस संबंध में विधायक पटेल ने कहा कि जिले में उडद और सोयाबीन फसल पर पीला मोजेक के कहर को देखते हुए गत माह 17 अगस्त को मीडिया में प्रमुखता से उठाया और प्रषासन को पत्र लिखकर चेताया था। इसके पष्चात जिला कांग्रेस अध्यक्ष और दोनों विधायको के नेतृत्व में 21 अगस्त को रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन भिजवाया गया कि 21 सितंबर के पहले किसानों का सर्वे नहीं हुआ और मुआवजा नहीं दिया गया तो कलेक्टोरेट में उडद व सोयाबीन की खराब फसल रख दी जाएगी।
एक महीने बाद जागी भाजपा और उसके नेता
विधायक पटेल ने कहा हमें एक महीने पहले ही किसानों के लिए भोपाल तक आवाज उठा चुके है और लगातार उठा रहे है। लेकिन भाजपा और उसके नेता एक महीने बाद नींद से जागे और किसानों बरगलाकर रैली निकालकर प्रदर्षन कर उनका हितैषी होने का ढोंग दिखाने लगे। भाजपा सरकार ने किसानों को उनकी खराब फसलों का शत प्रतिषत मुआवजा नहीं दिया और जिला कांग्रेस अध्यक्ष, दोनों विधायक औैर कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों के हित में चरणबद्ध आंदोलन कर सरकार की चुले हिला देंगे।
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