लंबे अंतराल के बाद विद्यार्थियों, शिक्षकों में जागा उत्साह
कट्ठीवाड़ा से प्रेम गुप्ता की रिपोर्ट
साढ़े दस बजते ही घंटी की आवाज सुन कर आसपास के घरों से बच्चों ने अपना बस्ता लेकर दौड़ लगाई और स्थानीय पालक जामसिंह अनुडिया के घर जाकर उसके आंगन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए गोल घेरे में बैठ गए, जहां पर शिक्षिका कृष्णा गुप्ता ने उन्हें विभिन्न विषयों की उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान बच्चों को खेलकूद और अन्य गतिविधियां भी करवाई गई।
...ये दृश्य था कट् ठीवाड़ा के ग्राम कवछा का जहां मेरा घर..मेरा विद्यालय अभियान की शुरुआत बीआरसी शंकर जाटव ने की। इस अवसर पर उनके साथ बीएसी दुष्यंत जादव, सीएससी दिग्विजयसिंह मेवाल, जितेंद्र सिंह चौहान, प्रधान पाठक नाथू सिंह उपस्थित थे। लंबे अंतराल के बाद शैक्षणिक गतिविधियां प्रारम्भ होने से छात्रों, अध्यापकों में उत्साह भी देखा गया।
गौरतलब है कि Covid-19 संक्रमण के खतरों के चलते नया शिक्षा सत्र अभी तक प्रारम्भ नही हो पाया था जिससे बच्चों की सतत चलने वाली लर्निग प्रक्रिया में बाधा आने सेशिक्षा विभाग द्वारा मेरा गांव, मेरा विद्यालय कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया जिसमें बच्चों को उनके घरों पर ही अध्ययन का माहौल उपलब्ध करवाया जा रहा है। बीआरसी शंकर जाटव ने बताया कि कवछा, इंडलावत, ध्याना, घोड़ियादरा, मोटी बड़ाई में घर-घर जाकर पालकों, विद्यार्थियों को इस योजना से अवगत करवाया गया।
___क्या है मेरा घर मेरा विद्यालय योजना___
मेरा घर मेरा विद्यालय कार्यक्रम के अंतर्गत 1 से 8 तक के बच्चों को पाठ्य पुस्तकों का वितरण, समूह में घर पर ही बच्चों की पढाई शिक्षक द्वारा, मोबाइल-रेडियो-टीवी से भी पढ़ाई, कम से कम पांच बच्चों से मोबाइल या रूबरू नियमित सम्पर्क,मॉनिटरिंग, एम शिक्षा मित्र पर जानकारी अपलोड करने जैसी गतिविधियों को किया जाना है।
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