कोरोना काल में जिले में गरीबों के सरकारी राशन वितरण में हुआ करोड़ो रूपए का घोटाला-विधायक मुकेश पटेल

अधिकारियों की अनाज माफियाओं से मिलीभगत, गरीबो का राशन कर गए हजम
जिला प्रशासन बना धृतराष्ट्र,नहीं ले रहा गरीबों की सुध
रघु कोठारी /आशुतोष पंचोली
अलीराजपुर न्यूज। 
आदिवासी अंचल आलीराजपुर जिले में विगत 3 माह से गरीब किसान कोरोना की मार झेलते हुए असहाय रूप से हाल बेहाल रूप में घर पर बैठा हुआ था। सरकार ने इन गरीबों की सहायता के लिए मुफ्त में अनाज देेने के लिए विशेष पैकेज योजना को लागु किया। जिसमें पूरे प्रदेश में करोड़ो रूपए कीमत का अनाज भेजा गया। किंतु इस आदिवासी अंचल में बड़े बड़े माफिया एवं शासकीय मुलाजीमों ने इस राशन में हेराफेरी करते हुए उनके हक का राशन उन्हें तो नहीं दिया और करोड़ो रूपए के घोटाले कर खुद मालामाल हो गए। जिले मे संचालित शासकीय उचित मूल्य की लगभग सभी दुकानों के जितने भी सेल्समेन एवं कर्मचारी है वे अनाज माफियाओं के हाथों के खिलौने बने हुए है यहां पर ऐसे व्यापारी भी है जिन्होंने इन दुकानों पर अपने एजेंट लगा रखे है जो प्रतिदिन क्वींटलो से माल दिनभर छोटे टेंपो ट्राली में ढोते रहते है। यह आरोप लगाते हुए क्षेत्रीय विधायक मुकेश पटेल ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में लगाए है।
 प्रेस विज्ञप्ति में विधायक पटेल ने कहा कि जिला प्रशासन भी उक्त मामले में कुंभ करण बना हुआ है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होना चाहिए और यह राशन माफियाओं के गोदामों में पहुंचकर तीन गुना भाव में दुरदराज के मेदा कारखानो में पहुंच गया।हक गरीबों का था उस हक को इन माफियाओं ने अपने गले में समा लिया। विधायक मुकेश पटेल ने मांग की है कि यदि जिला प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं करवाता है तो जिला मुख्यालय पर जिले के दोनो विधायकों सहित जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। विधायक पटेल ने इस गंभीर मामले में कलेक्टर सुरभि गुप्ता को पत्र लिखकर चेतावनी दी है।

अधिकारियों की कांग्रेसी कार्यकर्ता ईट से ईट बजा देगा
क्षेत्रीय विधायक मुकेश पटेल ने जिला प्रशासन की निष्क्रिय कार्यप्रणाली पर आरोप लगाते हुए कहा कि अनेक मामलों में मेंरे द्वारा शिकायत करने के बाद भी कलेक्टर गुप्ता ध्यान नहीं दे रही है। कार्रवाई के नाम से यह निकम्मा प्रशासन मात्र लिपापोती कर अनाज माफियाओं को फायदा पहुंचाने में लगा हुआ है। जिससे पूरे जिले की जनता को शासन की योजना का लाभ नहीं मिल रहा है और प्रशासनिक हल्के में ही बंदरबाट चल रही है। हथेली मे से हाथी गायब करने वाली स्थिति पर यदि प्रशासनिक अमला चलता रहा और यही हाल जिले के रहे तो पूरे जिले का कांग्रेसी कार्यकर्ता ईट से ईट बजा देगा और प्रशासिनक अमले के खिलाफ प्रमाण लेकर मप्र शासन की भी आंखे खोलने का काम करेंगा।
संबंधित विभाग के अधिकारी नहीं दे रहे जानकारी
कोरोना महामारी के इस महासंकट के दौर में गरीबों को कोविड 19 के तहत मिलने वाले नि:शुल्क राशन में विधायक मुकेश पटेल ने भारी हेराफेरी की आशंका जताई है। इस संबंध में उन्होंने खाद्य विभाग से राशन आवंटन, परिवहन सहित अन्य जानकारियां मांगी है। लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी जानबूझकर जानकारी देने में देरी कर रहे है। विधायक पटेल ने आरोप लगाया कि इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जिले में राशन वितरण में कुछ बड़ा घोटाला हुआ है। उन्होने कहा कि यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत से जिले के गरीबों को योजना की पात्रता अनुसार राशन उपलब्ध कराने में कोई गड़बड़ी मिली तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
दुकानों पर पात्रता पर्ची अनुसार नहीं मिल रहा राशन
पत्र में विधायक पटेल ने बताया कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में संचालित उचित मूल्य की दुकानों और स्व सहायता समूहों द्वारा संचालित दुकानों पर ग्रामीणों को राशन जैसे गेंहु, चावल, चना, दाल, केरोसिन, नमक, शक्कर आदि नहीं दिए जाने के संबंध में निरन्तर शिकायतें प्राप्त हो रही है। जिसके कारण जिला प्रशासन और जिले की छवि धूमिल हो रही है। राशन नहीं मिलने संबंधी शिकायतें मुझे भी भ्रमण के दौरान प्राप्त हो रही है। मैने भ्रमण के दौरान पाया कि कई दुकानों पर पात्रता पर्ची के अनुसार राशन नहीं दिया जा रहा है और नेट नहीं चलने का बहाना बनाकर ग्रामीण लोगों को राशन की दुकानों पर घंटो बैठाया जाता है। इस दौरान कई महिलाएं छोटे बच्चो को लेकर आती है जो अनावश्यक रुप से परेशान होती है। विधायक पटेल ने राशन दुकानों से संबंधित प्राप्त शिकायतों और उनके निराकरण के संबंध में भी जानकारी मांगी है। गत दिवस विधायक पटेल ने सोंडवा विकासखंड क्षेत्र के डूब क्षेत्र के ग्रामों का दौरा किया था। उस दौरान भी ग्रामीणों ने राशन नहीं मिलने की शिकायत विधायक पटेल से की थी।

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