सोंडवा बीईओ भरत नामदेव अब उदयगढ़ बीईओ, वहीं रामानुज शर्मा को सोंडवा बीईओ पद पर किया नियुक्त,
बीपी पटेल को जोबट बीईओ बनाया तो कठ्ठीवाड़ा बीआरसी उस्मान खान को हटाकर शंकर जाटव को बीआरसी बनाया
आशुतोष पंचोली
अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ
जिले में कोविड-19 की छाया जैसे जैसे दूर हो रही है वैसे वैसे अब जिले की प्रशासनिक व्यवस्था भी अब सरपट ढंग से दौड़ने लग गई हैं। जिले में कलेक्टर सुरभि गुप्ता ने अब प्रशासनिक कसावट को अमली जामा पहनाना आरंभ कर दिया है। हालांकि यह सब कसावट के पीछे कई तरह के जैक जरिए व अनुशंसाएं भी है जिसका असर कलेक्टर मैडम के आदेश से कही न कही दिखाई दे रहा है। जिले के शिक्षा विभाग में यकायक बड़े बदलाव कलेक्टर मैडम ने कर दिए है। जिसके चलते सोंडवा के वर्तमान बीईओ भरत नामदेव को यहां से हटाकर उदयगढ़ बीईओ बना दिया गया है। सोंडवा के पूर्व बीआरसी रहे रामानुज शर्मा की भाजपा सरकार आने के बाद किसी बड़े पद पर वापसी हो गई और उन्हें सोंडवा बीईओ नियुक्त किया गया। वहीं बीपी पटेल को जोबट बीईओ बनाने के आदेश कलेक्टर मैडम ने जारी किए। कठ्ठीवाड़ा के बीआरसी उस्मान खान को हटाकर कलेक्टर मैडम ने व्याख्याता शंकर जाटव को वहां का बीआरसी नियुक्त किया।वहीं कलेक्टर मैडम के निर्देश पर जिला शिक्षा केंद्र याने डीपीसी कार्यालय में दो कर्मचारियों के खिलाफ डीपीसी सीके शर्मा ने जांच तो बिठवा दी है किंतु उसकी रफ्तार कछृआ चाल जैसी है।
बीईओ बन गए किंतु वित्तिय प्रभार नहीं मिला
कलेक्टर मैडम ने जिले की शिक्षा व्यवस्था बड़े व जिम्मेदार पदों पर जो बदलाव किया है उसके पीछे चाहे जो भी राजनीतिक शक्तियां रही हो किंतु एक बात मानना पड़ेगी कि मैडमजी को दबाव था तो उन्हौंने सोंडवा बीईओ पद पर रामानुज शर्मा को नियुक्त करने के आदेश कर ही दिए गए है। किंतु उनके वित्तिय प्रभार सोंडवा सीईओ रवि मुवेल को देने के आदेश जारी कर दिए। हालांकि शर्मा वर्ग दो के अध्यापक संवर्ग से है इसलिए उन्हें वित्तिय प्रभार मिल भी नही सकता था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रामानुज शर्मा ने बड़े पद को प्राप्त करने के लिए झाबुआ सांसद महोदय तक दौड़भाग की है और झाबुआ के पत्रकार से भी सहयोग लेकर सिफारिश करवाई है। इस मामले में अलीराजपुर जिले के सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों व संगठन के नेताओं की क्या भूमिका रही है इस बारे में कई प्रकार के संशय है।
कोरोना काल में सर्जरी
सोंडवा मै विगत 15 माह मै तीसरी बार बीईओ बदला गया है भाजपा के पूर्व कार्य काल में
1- गिरिधर ठाकरे एक वर्ष
2- रामानुज शर्मा 6माह
3- डूंगर सिंह सोलंकी 9 माह
4 - भरत नामदेव 3 माह
5- रामानुज शर्मा
रामानुज शर्मा ने नई सरकार के आते ही वापसी की है।
वहीं भरत नामदेव जैसे अनुभवी व्याख्यता का मान सम्मान बरकरार रखते हुए उदयगढ़ बीईओ बना दिया। क्यों कि भरत नामदेव कुछ समय पूर्व ही सोंडवा बीईओ बनाए गए थे और अच्छा काम कर रहे थे ऐसा सोंडवा क्षेत्र के जानकारों का कहना है। वहीं उदयगढ़ में व्याख्यता के पद पर कार्यरत बीपी पटेल को जोबट बीईओ बनाया गया है। उनके पास प्रशासनिक व वित्तिय प्रभार दोनों है। यहीं स्थिती भरत नामदेव की भी है वे फुल फ्लैश बीईओ बनकर ही गए है।
इसी प्रकार कांग्रेस सरकार में बेहद सक्रिय रहे कठ्ठीवाड़ा के बीआरसी उस्मान खान को हटाकर उनके स्थान पर व्याख्याता शंकर जाटव को बीआरसी पद पर नियुक्त कर दिया गया है।
कलेक्टर मैडम के आदेश से शिक्षा विभाग के महकमे में कही खुशी तो कही गम का वातावरण है। अब देखना गौरतलब होगा कि बीईओ के पद पर नियुक्त किए गए सभी जिम्मेदार अधिकारी किस ढंग से जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने में अपना योगदान देते है या फिर परदे के पीछे के खेल करेंगे।
जांच कछृआ चाल से
इधर डीपीसी कार्यालय में हटाए गए दो कर्मचारियों के खिलाफ जो जांच कार्य चल रहा है उसकी रफ्तार कछृआ चाल से हो रही है जिसकी रफ्तार बढ़ाने के लिए डीपीसी सीके शर्मा अब नई कार्ययोजना बनाने पर विचार कर रहे है। ऐसी जानकारी मिली है। वहीं डीपीसी कार्यालय में एपीसी अकादमिक के पद पर अविनाश वाघेला की नियुक्ति के आदेश कलेक्टर मैडम ने जारी कर दिए है। वाघेला को कांग्रेस सरकार के समय में अलीराजपुर बीआरसी के पद से कलेक्टर मैडम ने न चाहते हुए भी हटाकर भाबरा भेजा गया था किंतु उनकी योग्यता के चलते कलेक्टर मैडम ने उन्हें अब एपीसी अकादमिक की जिम्मेदारी दी है। वहीं डीपीसी कार्यालय में कोविड-19 के चलते कलेक्टर मैडम ने जिले में पुस्तक परिवहन का ठेका बिना विज्ञप्ति जारी किए पिछले साल काम करने वाली एजेंसी को पिछले साल की दर में स्वीकृत करने के आदेश जारी कर दिए है इससे जो प्रतिस्पर्धी लोग ठेका लेने की आस में थे उनके मंसूबों पर पानी फिर गया है।
कृषि विभाग में लाखो का फर्नीचर खरीदा
चलते चलते जिले के कृषि विभाग में लाखों रुपए का फर्नीचर खरीदने का मामला भी इन दिनों प्रकाश में आया है। वहां बने नए भवन में लाखों रुपए का फर्नीचर कहां से व कैसे खरीदा गया है कुछ खोजी लोग इसकी जानकारी में जुट गए है।
Share on WhatsApp




