मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ ने किया भ्रमण

मंदिर में श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से पहुंचकर किए दर्शन
स्वामी वेंकटेशाचार्य ने भगवान जगन्नाथ की आरती उतारकर श्रद्धालुओं को दिए आशीष वचन
अलीराजपुर न्यूज़ डेस्क
विश्व सहित देशभर में कोरोन महामारी के चलते भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन भव्य रूप से नहीं हुआ। शासन व प्रशासन के निर्देशो का पालन करते हुए मंदिर समिति व रथयात्रा आयोजन समिति के द्वारा मंदिर परिसर में ही भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का कार्यक्रम किया। इस अवसर पर नृसिंह मंदिर के गादीपति स्वामी श्री श्री वेंकटेशाचार्य के द्वारा भगवान नृसिंह एवं जगन्नाथ जी की आरती उतारी गई। जिसके पश्चात रथयात्रा को प्रारंभ किया गया। रथयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के द्वारा मंदिर के चारो और परिक्रमा करते हुए भजन कीर्तन के साथ भगवान के जयघोष लगाए गए। इस दौरान श्रद्धालुओं के द्वारा बारी बारी से भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचकर रथ को आगे बढ़ाया गया। तत्पश्चात श्री श्री वेंकटाशाचार्य स्वामी जी द्वारा श्रद्धालुओं को आशिषवचन दिए गए। जिसके बाद प्रसादी का वितरण किया गया। रथयात्रा के मुख्य यजमान सावनसिंह भिण्डे थे। जिन्होंने मंदिर पहुंचकर रथयात्रा में सम्मिलित होकर अवसर का लाभ उठाया।
महाभिषेक के साथ हुई शुरूआत
शुक्रवार को प्रात: 9 बजे से 11 बजे तक भगवान नृसिंह का महाभिषेक किया गया जिसके मुख्य यजमान मदन नगवाडिय़ा थे। वहीं सुबह 11 बजे से 12 बजे तक महाआरती गौष्ठी प्रसाद वितरण किया गया। जिसके मुख्य यजमान शांतिलाल सोमानी एवं डॉक्टर भुपेन्द्र यादव थे। भगवान को वस्त्र धारण के मुख्य यजमान लोकेन्द्र बारेला थे। वहीं गोष्ठी प्रसादी के मुख्य यजमान गुप्तदान दाता के द्वारा दिया गया। दिनभर बारी बारी से हुए कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ एवं नृसिंह के दर्शन का लाभ लिया। इसके बाद शाम 5 बजे से 7 बजे तक नृसिंह मंदिर परिसर मे ही भगवान जगन्नाथ को भ्रमण कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के चलते सभी श्रद्धालुओं से सहयोग करने व अत्यधिक भीड़ के रूप में उपस्थित नहीं होने की अपील भक्त मंडल की ओर से की गई थी। भक्त मंडल के राधेश्याम डी ने बताया कि जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव आयोजन को सफल बनाने के लिए श्रद्धालुओं को क्रम से मंदिर में प्रवेश करवाकर जगन्नाथ रथयात्रा को सफल बनाया। मंदिर समिति के द्वारा सभी श्रद्धालुओं का आभार भी जताया गया।

मंदिर परिसर को सजाया फुल बंगले से
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को लेकर भक्तों में काफी उत्साह था मंदिर परिसर में ही रथयात्रा निकाली गई। लेकिन उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली। जैसे ही भगवान जगन्नाथ का रथ आगे बढ़ा और ओखा बाबा भजन मंडली के द्वारा भजनो की प्रस्तुती प्रारंभ की गई वैसे ही रथयात्रा में शामिल श्रद्धालु महिला एवं पुरूष जमकर नाच उठे। ऐसा लग ही नहीं रहा था कि रथयात्रा केवल मंदिर परिसर में ही निकल रही है। रथयात्रा के चलते मंदिर परिसर को फुल बंगले से सजाया गया था। वहीं भगवान नृसिंह की प्रतिमा का आकर्षक श्रंगार करने के साथ ही पुरे मंदिर परिसर मे विद्युत सज्जा की गई थी। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के अवसर का लाभ लेने के लिए शुक्रवार को सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं का बारी बारी से नृसिंह मंदिर पर आना जाना चलता रहा। दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं ने कोरोना महामारी के चलते प्रशासन के नियमो का पालन भी किया। वही आयोजन समिति द्वारा भी इस बात का विशेष ध्यान रखा गया। मंदिर परिसर में आशीष वचन देते हुए स्वामी वेंकटेशाचार्य जी ने भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए रथयात्रा के संबंध मे आवश्यक जानकारी दी।

धुमधाम से निकलती थी रथयात्रा
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा प्रतिवर्ष स्थानीय नीम चोक स्थित नृसिंह मंदिर से धुमधाम से निकाली जाती है। लेकिन वर्तमान में कोरोना महामारी के चलते यह आयोजन मंदिर परिसर तक ही सीमित रखा गया। रथयात्रा के चलते नगर में भव्य रूप से तैयारी की जाती है साथ ही इस यात्रा में हजारो श्रद्धालु सम्मिलित होकर अवसर का लाभ लेते है। जिसके बाद नीम चौक परिसर में धर्मसभा का आयोजन भी किया जाता है। जहां पर स्वामी वेंकटेशाचार्य द्वारा आशीष वचन दिए जाते है। लेकिन इस वर्ष कोराना महामारी के चलते समिति द्वारा नियम का पालन करते हुए भव्य आयोजन को निरस्त कर दिया गया।



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