व्यापारियों के एहसान तले दबे अधिकारियों ने यूरिया खाद की कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर फिर की लीपापोती,

सोसायटियों का सरकारी खाद बाजार में बेचने व खरीदने वालो पर होगी कार्रवाई, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
रघु कोठारी /आशुतोष पंचोली 
आलीराजपुर न्यूज।
 जिले में यूरिया खाद की हो रही कालाबाजारी के संबंध मे समाचार पत्रो में प्रकाशित खबर के बाद कुंभकरणीय निंद मे सोया कृषि अमला हरकत में आया और आनन फानन में कुछ व्यापारियों के प्रतिष्ठान पर गुरूवार शाम को कार्रवाई की गई। परंतु चोली दामन का साथ के चलते कृषि अमले ने कार्रवाई ऐसी की की सांप भी मर गया और लाठी भी नहीं टूटी। जबकि जिला प्रशासन को अब इस मामले में कृषि अमले के भरोसे नहीं रहकर अन्य अधिकारियों से यूरिया की कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करना चाहिए ताकि क्षेत्र में चल रही यह कालाबाजारी बंद हो सके और आदिवासी किसानों को शासन के निर्देशानुसार उचित मूल्य में यूरिया खाद उपलब्ध हो सके। हालाकि जिला कलेक्टर सुरभि गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि मैरे द्वारा सभी सोसायटियों की जांच करवाई जा रही है। जांच में यदि किसी भी प्रकार की कोई धांधली पाई गई तो इसमे लिप्त शासकीय कर्मचारी और व्यापारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
                  इस तरह खाद व्यापारी के यहां ओपचारिक कार्रवाई करती कृषि विभाग की टीम

समाचार छपने के बाद अधिकारी पहुंचे क्षेत्र में
समाचार छपने के बाद शुक्रवार को जिले के ग्रामीण अंचल के सोरवा, चांदपुर आदि क्षेत्रो में सोसायटियों से वितरण होने वाले खाद का निरीक्षण करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी पहुंचे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कृषि विभाग के अधिकारियों ने सिर्फ जांच की ओपचारिकता ही पूरी की और वापस लौट आए। इसकी जानकारी भी मीडियाकर्मीयों द्वारा कलेक्टर को दी गई।
खाद व्यापारियों मे मची रही हलचल
मिली जानकारी के अनुसार दो दिनो से जिले में मीडिया की सक्रियता खाद उचे दामो पर बेचे जाने में एवं सरकारी खाद की कालाबाजारी को उजागर करने मे दिखी। जिसके चलते पूरे जिले के खाद व्यापारियों मे हलचल अंदरूनी स्तर पर हलचल मची रही। खाद व्यापारियों के बने शोसल मीडिया ग्रुपो में मीडिया के बारे में टीका टिपणी व चर्चाए चलती रही।
कृषि विभाग मे सुधार की आवश्यकता
मिली जानकारी के अनुसार कृषि विभाग के अमले ने पूरे जिले में सालो से कई वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी पदस्थ है जिनकी मनमानी पूरे जिले में चल रही है साथ ही वे सभी कर्मचारी अपने स्तर से खाद व्यापारियों से सेटिंग करते हुए जमकर भ्रष्टाचार कर रहे है अत: ऐसे अधिकारी व कर्मचारियों को यहां से अन्यत्र स्थान पर भेजकर नए अधिकारियों व कर्मचारियों को पदस्थ करना चाहिए जिससे जिले के कृषि विभाग का बिगड़ा हुआ ढांचा सुधरे और जिले के किसानों को उनका वास्तवीक हक व शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।
                          कृषि विभाग का अमला तिखी इमली स्थित गोदाम का निरीक्षण करने पहुंचा।

दो सीजन की होती है सेटिंग
कई फुटकर व्यापारियों ने मीडिया को अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि खरीफ व रबी दोनो सीजन में कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी खाद उर्वरक, रासायनिक खाद, लायसेंस नवीनीकरण आदि के मामलो में फसाकर अधिकतर खाद व्यापारियों से 8 से 10 हजार रूपए प्रति दुकान की वसुली कर रहे है। वहीं फुटकर व्यापारियों ने कृषि विभाग द्वारा जारी लायसेंस पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही परिवार में 4 से 5 लायसेंस देने की प्रथा को बंद कर थोक व्यापारियों को थोक का लायसेंस व फुटकर व्यापारी को फुटकर का लायसेंस दिया जाए। वर्तमान मे जो गड़बडिय़ा चल रही है उसके तहत एक ही घर में 2 लायसेंस थोक और फुटकर का है। ऐसी स्थिति में हम फुटकर व्यापारियों को निर्धारित उचित मूल्य में खाद नहीं मिलकर थोक डिलर हमको ज्यादा भाव में खाद देते है और कृषि अधिकारी हम फुटकर व्यापारियों पर कालाबाजारी का आरोप लगाकर हमारे लायसेंस निरस्त करने की कार्रवाई करते है। जबकि इस सारे मामले का असली दोषी थोक डिलर है। परंतु अधिकारी वर्ग लिफाफा पद्धति के चलते थोक डिलरो की हुजूरी में हाजरी बजाते रहते है। फुटकर व्यापारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस आदिवासी अंचल मे इसका उचित हल निकालकर हम छोटे व्यापारियों को न्याय दिलाने का कष्ट करें।

जांच करवाकर करेंगे कड़ी कार्रवाई
मुझे चांदपुर क्षेत्र की सोसायटियों से खाद वितरण में अनियमितता जानकारी मिली है, साथ ही सरकार द्वारा निर्धारित खाद विक्रय की दर से अधिक मूल्य पर खाद विक्रय करने की जिले में जहां से भी इस प्रकार की शिकायत किसानों के द्वारा की जाएगी उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी।
          सुरभि गुप्ता, कलेक्टर आलीराजपुर।

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