थोक व्यापारियो ने किया गोदामों में जमकर अवैध स्टाक,
फुटकर व्यापारियों को भी नही मिल रहा बैचने के लिए खाद
रघु कोठारी /आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर न्यूज।
वर्तमान समय में किसान जहा खेतों में जुताई में व्यस्त है वही विगत एक सप्ताह के अंदर चार से पांच बार अच्छी बारिश हो जाने के चलते किसानों के द्वारा बुआई का काम भी प्रारंभ कर दिया गया है। जिले का किसान यह सोचकर खुश है की उसने अपने खेती किसानी का काम तय समय पर निपटा लिए है और इंद्र देवता ने भी मेहरबानी करते हुए पानी की वर्षा कर समय पर उसका साथ दिया है। लेकिन सब कुछ अच्छा होने के बाद भी किसानों को अपनी उपज के लिए खेती मे काम आने वाली खाद के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है। जहां एक और मप्र के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा बार बार यह कहा जा रहा है कि किसानों को खाद की कमी नहीं आने दी जाएगी वहीं उनके निर्देशो से सोसायटियों में खाद की आपूर्ति की जा रही है। परंतु जिले के आम किसानों के द्वारा सोसायटियों में बहुत कम मात्रा में पहुंचकर खाद खरीदी जाती है यहां के किसान बाजार में दुकान लगाने वाले व्यापारियों से अपनी आवश्यकता अनुसार खाद क्रय करते है। किंतु जिले में छोटे छोटे खाद विक्रेताओं को बड़े डीलरों के द्वारा खाद दी ही नहीं जा रही है। जिसके चलते संपूर्ण जिले में एक तरह से खाद की कृतिम कमी बनी हुई है। वास्तविकता में बड़े डिलरो द्वारा खाद का संग्रहण कर अपने गोदामो में भरपूर मात्रा में स्टॉक किया गया है। जिसके चलते किसान परेशान महसुस कर रहा है और बड़े दुकानदारो के गोडाउन एवं घरों के चक्कर लगाने को मजबूर है वहीं दूसरी और फुटकर खाद विक्रेताओं का भी यही कहना है कि एडवांस राशि देने के बाद भी डीलरों द्वारा उन्हें समय पर खाद नहीं दी जा रही है। ऐसे में वे किसानों की पूर्ति कैसे करेंगे।
खाद के लिए भटकने को मजबूर किसान
आलीराजपुर नगर एवं ग्रामीण अंचल में बड़ी संख्या में खाद के थोक एवं खेरची विक्रेता मौजूद है। ऐसे में जिले मे निवासरत किसानों द्वारा वर्षभर के लिए अपनी चिन्हित दुकान पर खाद बीज की खरीदी के साथ अन्य प्रकार का लेनदेन भी किया जाता है जिसके चलते दुकानदार एवं किसानों में आर्थिक व्यवहार पुरानी पीढिय़ों से चला आ रहा है। ऐसे में फुटकर विक्रेताओं को खाद नहीं मिलने के कारण फुटकर विक्रेताओं पर निर्भर किसान खाद खरीदने के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर है। वहीं फुटकर विक्रेताओं को दबी जुबान में यह भी कहते सुना गया है कि बड़े डीलरों द्वारा मनमानी करते हुए रिटेलरो के दाम पर उन्हें खाद दिया जा रहा है ऐसे में वे अपना व्यवसाय कैसे करेंगे? इसलिए उनके द्वारा भी इस बार कम मात्रा में खाद बुलाया जा रहा है। कुल मिलाकर बड़े डीलरों व छोटे फुटकर व्यापारियों के बीच की लड़ाई के चलते किसान दो पाटो के बीच पीसकर बड़े डीलरों को अधिक मूल्य चुकाकर खाद लेने के लिए विवश है।
सरकारी रेट से अधिक मूल्य पर बेच रहे है खाद
आलीराजपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में बड़े डीलरों द्वारा शासन द्वारा तय की गई गाइडलाइन पर खाद को ना बेचते हुए अधिक मूल्य किसानों से वसूला जा रहा है परंतु किसान फिर भी उक्त मूल्य पर भी खाद लेने को तैयार है लेकिन उसे समय पर खाद मिले तो सही। कुल मिलाकर मप्र शासन द्वारा यूरिया खाद की कीमत २६७ रूपए निर्धारित की गई है लेकिन दुकानदारो द्वारा ३२० से ३३० रूपए तक लिए जा रहे है। वहीं शासन द्वारा सोसायटियों में भी खाद भेजा गया है लेकिन किसान द्वारा लिए गए ऋण को नहीं भरने के चलते किसान सोसायटियों में नहीं पहुंच रहा है। जबकि जिन किसानों ने ऋण नहीं भरा है उसके लिए भी खाद का आवंटन शासन द्वारा किया गया है। ऐसे में जो किसान सोसायटियों से खाद नहीं उठा रहे है वह खाद कहां बिकने के लिए जा रहा है यह भी अपने आप में बड़ा प्रश्न है। कुल मिलाकर जहां एक और खाद विक्रेताओं द्वारा जमकर जमाखोरी करते हुए किसानों से अधिक मूल्य वसूलकर खाद का विक्रय किया जा रहा है वहीं दूसरी और सोसायटियों के माध्यम से बिकने वाले खाद की भी कालाबाजारी की जा रही है। जिस पर जिला प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है।
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