रमजान माह मेंपांचों वक्त की नमाज घर से ही पढ़ने पर भी मस्जिद में की गई नमाज के बराबर ही सवाब(पुण्य) मिलेगा


कोरोना संक्रमण की सम्भावनाओं के चलते प्रतिदिन होने वाले रोजा इफ्तार निरस्त 
कट्ठीवाड़ा से प्रेम गुप्ता की रिपोर्ट
शुक्रवार को चांद के दिखने के साथ ही शनिवार से मुस्लिम समाज का पवित्र रमजान माह आरंभ हो गया है। आज प्रथम दिन से कट् ठीवाड़ा क्षेत्र में मुस्लिम समाज जनों ने अपने विभिन्न धार्मिक क्रियाकलापों और परंपराओं के पालन में बड़ा परिवर्तन किया है।  पवित्र माह में  प्रशासन के दिशा निर्देशों का अनुपालन एवम पूर्ण सहयोग करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि नमाज घरों से ही की  जाए एवम रोजा इफ्तारी एवम अन्य समस्त  सामूहिक कार्यक्रम निरस्त कर दिए जाए। 
 रमजान की चहल पहल प्रारंभ होने के साथ ही स्थानीय मुस्लिम समाज में हाफिज सद्दाम हुसैन ने पांचों वक्त की नमाज अपने घर से ही करने की  अपील समाज जनों से की। उन्होंने बताया की पांचों वक्त की नमाज का सवाब (पुण्य)हमें उतना ही मिलेगा, जितना मस्जिद में नमाज करने का मिलता है। स्थानीय मुस्लिम समाज द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया की रमजान माह में जो प्रतिदिन मस्जिद में रोजा इफ्तार कार्यक्रम किए जाते हैं वह कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षा के निर्देशों के पालन के चलते  निरस्त कर दिया जाए क्योंकि यही समाज एवं देशहित में है। इसी तरह मस्जिद में की जाने वाली नमाजों में भी पर्याप्त सोशल डिस्टेंसिंग का उपयोग किया जा रहा है। इस दौरान पांच या पांच से कम व्यक्तियों द्वारा नमाज पढ़ी जा रही है और उसमें भी पूरी तरह कोविड19 से सुरक्षा के दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है। 
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