स्वर्गीय लीलाराम वाणीजी ने पूरा जीवन समाजसेवा को किया था समर्पित
नानपुर से जितेंद्र वाणी घोटू व देवेंद्र वाणी शुभम की रिपोर्ट।
परम श्रद्वेय परम आदरणीय सेठ श्री लीलाराम जी ठाकुर सा जी वाणी, नानपुर ने अपने जीवनकाल मे उत्कृष्ठ और नित्य नवीन लोक सेवा के एंव गौ सेवा मे आयाम रचे है, आपने लोकहित के कार्या मे ग्राम नानपुर मे गौशाला के निर्माण हेतु माॅ सरस्वती के वरद्पुत्र पंडित श्री कमल किशोर जी नागर, सेमलीधाम, की भागवत ज्ञान गंगा यज्ञ, अलीराजपुर के दौरान गुरूवर के आव्हान पर गौशाला हेतु भुमि दान देते का वचन दिया और बाद मे गुरूवर के सानिध्य मे गोपाल गौशाला, धोलखेडा, नानपुर का निर्माण संभव हो सका, और अपने जीवनकाल मे तब से अब तक लगातार गौ की सेवा मे अपने अपको गौसेवा के प्रति आजीवन समर्पण किया है।
इसी क्रम मे सुखाग्रस्त समय मे गौ शाल के पशुराहत शिविर मे अपना परोक्ष योगदान देकर गौ सेवा के कार्य को नये आयाम दिये है, पशु स्वास्थ्य शिविर मे दायित्व का लगातार कुशलता से निर्वाहन कर जनसेवा को परोपकार की भावना से आगे बढाया है।
नर्मदा परिक्रमावासीयो और समय समय पर नर्मदा दर्शन के लिये जाने वाले यात्रीयो की सेवा की ओर संत समाज और लोक सेवा के कार्य करने वालो का सदा श्रेष्ठ सम्मान किया है।
व्यापार जगत मे एक सच्चे और ईमानदार व्यापारी की भुमिका अदा की ओर सभी व्यापारी बंधुओ के बीच अपने श्रेष्ठ छवि अंकित की है तथा वाणी समाज की कई ईकाईयो मे कई पदो पर रहे और वाणी समाज को भी अपनी सेवाए देकर अन्य समाजो के समकक्ष खडा करने का प्रयास किया है।
ग्राम नानपुर मे सरस्वती शिशुमन्दिर के अध्यक्ष नाते इसकी स्थापना 1994 मे की वाणी समाज भवन मे उसका संचालन 2013 तक किया और नवीन भवन बनाने की ओर अग्रसर होकर वर्ष 2013 मे भुमिपुजन कर 2016 से उक्त स्कुल नवीन भवन मे संचालित हो रहा है। इसप्रकार शिक्षा के क्षेत्र मे भी आपका अतुलनीय योगदान रहा है।
आप सरल सहज शंात और मृदृभाषी व्यक्तित्व के धनी थे और आपकी अनुपस्थिति की पुर्ति संभव नही है।
परमपिता परमेश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणो मे स्थान दे, सदगति और मोक्ष प्रदान करे।








