’बच्चो को वितरित किये गए राशन की गुणवत्ता ठीक नही’
बड़ीखट्टाली से बिलाल खत्री की रिपोर्ट।
मध्य प्रदेश शासन के आदेश अनुसार कोरोना बीमारी के कारण लॉकडाउन के चलते किसी भी गरीब बच्चों को भूखा न रहना पड़े। इसलिए शासन के आदेश अनुसार प्राथमिक स्कूल एवं मिडिल स्कूल में पढने वाले सभी छात्र छात्राओं को मध्यान भोजन का राशन गेंहू व चावल वितरित करना था। प्राथमिल शाला के बच्चों को प्रति छात्र 3 किलो 300 ग्राम व माध्यमिक शाला के प्रति छात्रों को 4 किलो 950 ग्राम खाद्य (गेंहू-चावल) के मान से प्रदाय किया जाना है।
’बच्चो को वितरित किये गेंहू की गुणवत्ता ठीक नही रू’ परंतु खट्टाली के समीप ग्राम चमारबेगड़ा में समूह द्वारा स्कूल के प्रत्येक छात्र को 2 किलो राशन दिया जा रहा है। लेकिन समूह द्वारा कीड़े व धंधुरिये वाले खराब गेंहू वितरित किये जा रहे है। इसकी सूचना बच्चो के पालको ने शिक्षित युवकों को बताई की बच्चो को खराब गेंहू वितरित किये जा रहै है जो कि खाने लायक तक नही है। जब ग्राम के शिक्षित युवकों ने देखा तो उसमें कीड़े व धंधुरिये दिखाई दे रहे थे जिसकी गुणवत्ता ठीक नही थी। तभी उन्होंने वीडियो व फोटो लेकर सोशल मीडिया पर शेयर कर इसकी जानकारी दी। लगता है शासन प्रशासन का इस और ध्यान ही नही है वही बच्चो के पालको व ग्रामीणों ने नाराजगी जताकर समुह बंद कर समुह संचालक के खिलाफ उचित कारवाई की मांग की।

