सरकारी नदी पर पुलिया निर्माण के लिए पूर्व एसडीएम द्वारा दी गई अनुमति को किया गया निरस्त,
नदी में बनाई गई पुलिया व रिर्टनिंग वाल का अतिक्रमण हटाने की अनुशंसा की कलेक्टर को सौंपी रिपोर्ट,
नगर में उठ रहा है सवाल क्या टूटेगी पुलिया व रिर्टनिंग वाल?
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ
जिला मुख्यालय के बीच में बह रही सरकारी नदी के किनारे से लगी हुई सरकारी चरनोई भूमि व ग्रीन बेल्ट की हजारों वर्ग फुट की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की जांच रिपोर्ट एसडीएम ने कलेक्टर को सौंपते हुए करीब 30 हजार वर्ग फुट जमीन पर अवैध अतिक्रमण का खुलासा किया गया है। जिसमें सर्वे नंबर 25 की चरनोई भूमि कुल रकबा 0.134 हेक्टेयर व सर्वे नंबर 33 की भूमि कुल रकबा 0.143 हेक्टेयर अतिक्रमण कर अवैध कब्जे का खुलासा जांच रिपोर्ट में हुआ है। अब गेंद कलेक्टर सुरभि गुप्ता के पाले में है कि वे किस तरह से एसडीएम की जांच रिपोर्ट पर एक्शन लेंगी।
उल्लेखनीय है कि भाजपा पार्षद औच्छबलाल सोमानी के द्वारा सोरवा नाका क्षेत्र में नदी किनारे बनाई जा रही कालोनी में सोमानी द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध ढंग से कब्जा करने की मय सबूतों के शिकायत जागरुक नागरिक मंच के अध्यक्ष व नपा के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रम सेन ने 24 दिसंबर 2019 को जनसुनवाई व उसके बाद संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी को अलग से की थी। बाद में इस मामले की एक ओर शिकायत मोहम्मद हनीफ सैयद शहर काजी व मुस्लिम समाज की ओर से भी जनसुनवाई में की गई थी। प्रषासन को मिली शिकायत के आधार पर जांच दल बनाकर उनके द्वारा सीमांकन रिपोर्ट कलेक्टर को प्रेषित की गई है। हालांकि इस मामले को सबसे पहले डेढ़ साल पूर्व अलीराजपुर के ही मुर्तजा हकीमुद्दीन बोहरा ने उठाया था किंतु प्रशासन ने कभी भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया था। उस समय भाजपा का शासन था। बाद में सीएम कमलनाथ के द्वारा प्रदेष में माफियाओं के खिलाफ छेड़े गए अभियान के दौरान यह मामला फिर से सुर्खियों में है।
ये है जांच रिपोर्ट
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा कलेक्टर महोदया शिकायत शाखा को सौंपी रिपोर्ट में बताया गया कि सीमांकन दल द्वारा दिनांक 26 व 27 दिसंबर 2019 को भूमि सर्वे नंबर 25 व 33 का सीमांकन राजस्व अभिलेख व नपा के वर्तमान अभिलेख व नक्शे से टीएसएम मशीन से सीमांकन किया गया। भूमि सर्वे नंबर 25 चरनोई मद का कुल रकबा 0.134 हेक्टेयर पर सीमा चिन्ह मौके पर स्थापित किए गए। जिसमें स्थल पर 55 बाय 20 कुल 1100 वर्ग फुट पर पक्का आरसीसी रोड़ बनाकर अतिक्रमण कर लिया है। उक्त चरनोई भूमि का अतिक्रमण मुक्त कर अधिकार में लिया गया। तथा भूमि सर्वे नंबर 33 मद नाले पर सीमा चिन्ह स्थापित किए गया। जिसके कुल रकबे में से 0.143 हेक्टेयर भूमि पर दिवार बनाकर अतिक्रमित होना पाया गया। चूंकि सीमांकन दल द्वारा शासकीय भूमि सर्वे नंबर 33 मद नाले पर 0.143 हेक्टेयर भूमि पर नाले में दिवाल बनाकर अवैध कब्जा किया गया है। तथा सर्वे क्रमांक 25 पर कुल 1100 वर्ग फुट का पक्का आरसीसी रोड़ बनाकर अतिक्रमण किया गया है। शासन हित व लोक हित में सरकारी नदी पर निजी पुलिया बनाने के लिए पूर्व में एसडीएम आलीराजपुर द्वारा जारी आदेश क्रमांक 767/रीडर-1/2018दिनांक 15 मार्च 2018 को निरस्त किया जाकर अतिक्रमण हटाए जाने की अनुमति हेतु नस्ती कलेक्टर अलीराजपुर को प्रेषित की गई है।
करीब 30 हजार वर्गफुट की सरकारी जमीन पर मिला अवैध कब्जा
जांच रिपोर्ट के अनुसार कुल रकबे की जमीन को वर्ग फुट में बदला जाए तो सर्वे नंबर 33 पर 15386 वर्गफुट व चरनोई भूमि के सर्वे नंबर 25 पर कुल 15518 वर्ग फुट जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है। 30 हजार वर्ग फुट सरकारी जमीन पर कब्जा कर कालोनी के लिए सीसी रोड़ व रिर्टनिंग वाल पुलिया बना दी गई। जिसका आलीराजपुर नगर में बर्तमान में बाजार भाव करीब 9 करोड़ रुपए का होता है। जनता इस बात से अंदाजा लगा सकती है कि 9 करोड़ की सरकारी जमीन को हजम किया जा रहा था और कोई कुछ नहीं बोल रहा था। पूरा प्रशासन, जनता, जनप्रतिनिधि आदि सब खामोष थे। किंतु कहते है ना कि देर आए दुरस्त आए की तर्ज पर अंतत इस मामले का खुलासा हो ही गया। अब यह बात अलग है कि जिला प्रशासन करोड़ों की सरकारी जमीन को मुक्त कराता है कि नहीं क्यों कि कार्रवाई तो प्रशासन को ही करना है। यह मामला अलीराजपुर न्यूज ने ही सबसे पहले उठाया था। दो तीन मीडिया साथियों को छोड़कर जिले की जिम्मेदार मीडिया व लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का दावा करने वाले वरिष्ठ, कनिष्ठ सब खामोष है आखिर क्यो?
जांच रिपोर्ट कलेक्टर महोदया को प्रस्तुत कर दी है। अब अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के आदेश उन्हें ही देना है।
-विजय मंडलोई एसडीएम

