भाजपा पार्षद सोमानी के द्वारा अवैध ढंग से काटी गई कालोनी का सीमांकन व जांच रिपोर्ट एसडीएम ने कलेक्टर को सौंपी

जांच रिपोर्ट का नहीं किया खुलासा, कलेक्टर महोदया ले सकती है एक्शन?
सोमानी पर करीब 22 हजार वर्ग फुट सरकारी जमीन पर कब्जा करने के है आरोप
आशुतोष पंचोली
अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ

जिला मुख्यालय पर करीब पिछले सात दिनों से छाए हुए व बहुचर्चित सरकारी जमीन पर अवैध कालोनी काटने के मामले का खुलासा जिला प्रशासन अब शीघ्र ही करने वाला है। कलेक्टर सुरभि गुप्ता के निर्देश पर गठित प्रशासन की टीम ने अब पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सोमवार को तैयार कर ली है जिसे कलेक्टर मैडम के पास भेजा जा रहा है। जांच टीम प्रभारी एसडीएम संजीव पांडे ने इस प्रतिनिधि को बताया कि प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार कर ली है, जब कार्रवाई होगी तब सारी चीजे सामने आ जाएगी।
ज्ञात रहे कि नगर के बहुचर्चित रहे इस मामले में शिकायतकर्ता जागरूक नागरिक मंच के अध्यक्ष व नपा के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रम सेन द्वारा संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी व कलेक्टर सुरभि गुप्ता को की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि  भाजपा पार्षद और भू माफिया औच्छबलाल सोमानी ने आलीराजपुर स्थित भूमि सर्वे नम्बर 33 पर फर्जी ढंग से अवैध पुलिया बनाकर एवं प्राकृतिक नदी की  सरकारी जमीन पर कब्जा कर कॉलोनी काट दी गई है उक्त जमीन में चरनोई की जमीन व ग्रीन बेल्ट के लिए छोड़ी गई जमीन भी शामिल है। संभागायुक्त  और कलेक्टर  को सौंपी गई  शिकायत में औच्छबलाल सोमानी द्वारा अवैध रूप से निर्मित पुलिया व कालोनी की रिर्टनिंग वाल को तोडने एवं कार्यवाही करने की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता सेन ने गत मंगलवार को जनसुनवाई में  कलेक्टर व  उसके बाद संभागायुक्त को  की गई अलग.अलग  लिखित शिकायत में विस्तृत ख़ुलासा मय दस्तावेजों के साथ करते हुए बताया था कि  सोमानी  द्वारा शासकिय नदी नाले की भूमि सर्वे नम्बर 33 पर अवैध पुलिया एवं अवैध कालोनी का निर्माण किया जाकर भूखण्डों का विक्रय किये जाने की साजिश की जा रही है। शिकायत कर्ता के आवेदन के पश्चात कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग का एक जांच दल बनाया गया जो सोमानी द्वारा कब्जाई गई पूरी जमीन की नपती व सर्वे का कार्य पिछले पांच दिनों से कर रहा था जिसकी जांच रिपोर्ट प्रशासन ने तैयार कर कलेक्टर को पेश कर दी है। जिसका नगर की जनता को बेसब्री से इंतजार हैं।




रिपोर्ट में होगा खुलासा कि कितनी वर्ग फुट जमीन पर किया अवैध कब्जा
भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे और अब वार्ड क्रमांक 4 से भाजपा के पार्षद औच्छबलाल सोमानी आलीराजपुर जिले व अविभाजित झाबुआ जिले में भाजपा की राजनीति का एक जाना पहचाना चिरपरिचित चेहरा करीब 25 सालों से भी अधिक समय से रहे है। किंतु इन 25 सालों में कभी भी सोमानी पर भूमाफिया व सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप नहीं लगे है किंतु ये पहले ऐसा मौका है जब सोमानी पर इतने संगीन आरोप लगे है। भाजपा शासन की पहली पारी 2003 से 2008 मंे सोमानी ने राजनीति के मैदान में ऐसी राजनीति कि वे कभी आउट ही नहीं हुए। उनकी नान स्टाप बल्लेबाजी के हुनर से उनके कई विरोधी धराशायी होते रहे। उसके बाद भी भाजपा की राजनीति में भी सोमानी का रसूख कम नहीं हुआ और वे भाजपा जिलाध्यक्ष पद तक पहंुच गए। यह अलग बात है कि उनकी जिलाध्यक्ष पद की ताजपोशी को जिले के तत्कालीन भाजपा विधायकों व एक गुट विशेष ने लंबे समय तक नहीं चलने दिया। साल 2008 में ही इनके द्वारा पुरानी कलाली की एक बड़ी जमीन लाखों रुपए रुपए में खरीदी गई। इनकी जमीन के पीछे प्राकृतिक नदी थी व नदी के उस पार भी सोमानी के परिवार के भाई बंधुओं के नाम से जमीन थी और उसके भी पीछे कुछ अन्य  लोगों की जमीन थी। डेढ़ दो साल पहले सोमानी जी को ख्याल आया कि अपनी दोनों जमीनों को जोड़ने के लिए नदी पर एक पुलिया का निर्माण कर लेवे तो उन्हौंने नपा में स्वयं के खर्चे से पुलिया बनाने का आवेदन दे दिया। नपा ने आवेदन का निराकरण नहीं करते हुए गेंद प्रशासन के पाले में डाल दी।


प्रशासन ने दी थी सशर्त अनुमति
सोमानी ने एसडीएम को आवेदन लगाया जिस पर तत्कालिन एसडीएम महोदय केसी ठाकुर ने इन्हें सशर्त पुलिया व रिर्टनिंग वाल बनाने की अनुमति इस शर्त पर दी गई की प्रार्थी द्वारा उक्त शासकीय नदी नाले की भूमि पर किसी प्रकार का मालिकाना हक नहीं होगा। मात्र आवागमन हेतु उक्त पुलिया निर्माण की अनुमति दी जा रही है। किसी भी प्रकार के विवाद होने, सार्वजनिक बाधा उत्पन्न होने पर यह अनुमति बिना पूर्व सूचना के ही निरस्त मानी जावेगी।
इस अनुमति के बाद सोमानी ने जोर शोर से पुलिया बनवाई, लंबी चैड़ी रिर्टनिंग वाल भी नदी में बना डाली। अब ये अलग बात है कि पुलिया बनाने में खर्च हुई राशि किसने खर्च की। सूत्र बताते है कि पीछे की जिनकी जमीन थी उनसे लाखों रुपए लिए गए है। हांलाकि हम इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते किंतु यह सब जनचर्चा में बात चल रही है। हालांकि सोमानी ने क्या सही व क्या गलत किया है यह सब प्रशासन की जांच रिपोर्ट में आ चुका है जिसका खुलासा प्रशासन की आगामी कार्रवाई से स्पष्ट हो जाएगा।

प्राकृतिक नदी की सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप
शिकायत कर्ता विक्रम सेन ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि औच्छबलाल सोमानी द्वारा ग्राम बोरखड पटवारी हल्का नं. 54 भुमि सर्वे नम्बर 26, 27, 28, 29 कुल सर्वे 4 कुल रकबा 0.437 हैक्टेयर (47118 वर्गफिट) जो कि किसी अन्य व्यक्ति बसंतीलाल सोमानी के नाम पर दर्ज है। उक्त भुमि के साथ साथ एसडीएम के आदेश आड़ में सरकारी नदी की भुमि को भरावा भर कर अतिक्रमण/कब्जा कर उक्त सर्वे नम्बर 26, 27, 28, 29 का रकबा 47118 वर्गफिट था, उसको बढ़ाते हुए लगभग 70,000 वर्गफिट पर अवैध आवासिय कालोनी निर्मित कर दी गयी है, जो कि वर्तमान में निर्माणाधीन है। इसमे 30 फिट का सी.सी. रोड बनाया गया हैं जिसकी लम्बाई लगभग सैकड़ो फिट हैं इस प्रकार सी. सी. रोड जो कि 15000 वर्गफिट में बना होकर स्थित है, एवं नक्शे में फ्रंट साइड के दो प्लाट जो लगभग 5000 वर्गफिट के है। इस प्रकार सर्वे नम्बर 26, 27, 28, 29 पर की कुल 47000 वर्गफिट में लगभग 50000 वर्ग फिट से ज्यादा के भुखण्ड, 15000 वर्गफिट का सी.सी. रोड, 5000 वर्गफिट फ्रंट स्केयर है। अतः कुल एरिया 70000 वर्गफिट से अधिक पर अवैध कालोनी का निर्माण किया गया हैं, जिसके भूखंड 3000 रुपये प्रतिवर्ग फिट में बेचने की भी खबर हैं, इस हेतु एक नक्शा भी इसके दलालों द्वारा उत्सुक खरीददारों को उपलब्ध कराया गया है। ओछ्ब लाल द्वारा एसडीएम के आदेश की आड़ में लगभग 23000 वर्गफिट पर सरकारी नदी व चरनोई की भुमि पर अवैध कब्जा एवं लगभग 800 फिट तक बीच नदी में रिटर्निग वाल बनाकर अवैध कब्जा किया गया है।
क्या कहते है जिम्मेदारः
शिकायत के बाद हमारे द्वारा सीमांकन कर लिया गया है। मौके पर  सारे पत्थर भी गढ़वा दिए है। कलेक्टर महोदय को सीमांकन रिपोर्ट अवलोकन के लिए भिजवा रहे है। उनका जैसा भी निर्देश होगा कार्रवाई करेंगें। रिपोर्ट में काफी सारे तथ्य सामने आए है जब प्रशासन की कार्रवाई होगी तो सारी चीजे ओपन हो जाएगी।
-संजीव पांडे एसडीम व जांच दल प्रभारी

मुझे जिला प्रशासन पर भूरा भरोसा है कि जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी। मेरी शिकायत तथ्यों व उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित है। जिले में एक बहुत बड़े भूमाफिया का खुलासा होगा। सत्य परेशान हो सकता है किंतु पराजित नहीं।
-विक्रम सेन अध्यक्ष जागरुक नागरिक मंच व पूर्व नपा उपाध्यक्ष।

मेरे द्वारा प्रशासन से अनुमति लेकर ही पुलिया व रिर्टनिंग वाल का निर्माण किया गया है। जो कि नियमानुसार है।
- औच्छबलाल सोमानी कालोनी निर्माता।
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