पुलिस ने तिहरे हत्याकांड के तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में प्राप्त की सफलता

तीन आरोपी अभी भी फरार, जमीन विवाद में 6 आरोपियों ने कर दी थी अपने ही रिश्तेदारों की निर्मम हत्या
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर। ब्यूरो चीफ

जिले के सोंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भोरण में जमीन विवाद के चलते छह आरोपियों ने अपने ही रिश्तेदारों की 9-10  सितंबर की दरम्यानि रात्रि में धारदार हथियारों व देशी कट्टें से एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी थी। जिसमें पुत्र, व माता पिता की मौत हो गई थी। यह हत्याकांड पूरे प्रदेश मेें चर्चित हो गया था। पुलिस के लिए आरोपियों को गिरफ्तार करना भी किसी चुनौती से कम नहीं था क्यों कि सभी आरोपी हत्या करने के बाद से ही सपरिवार फरार हो गए थे।  पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड के कुल छह आरोपियों में से तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इसकी जानकारी एसपी विपुल श्रीवास्तव ने शनिवार को दोपहर में ढाई बजे करीब पुलिस कंट्रोल रुम में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।


ज्ञात रहे कि इस हत्याकांड के आरोपियों को पीड़ित पक्ष से इतनी कटुता व द्वेष बड़ गया था कि आरोपियों ने धारदार हथियार फालिए से लटू पिता भीकतला का तो सिर ही धड़ से अलग कर दिया था। पुत्र धर्मेंद्र को कंधे पर गोली मारी थी और माता हजरीबाई के सिर पर फालिए से वार किए थे।  इस जधन्य हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहंुची और घायल धर्मेंद्र को जिला अस्पताल भिजवाया किंतु रास्ते में धर्मेंद्र की मौत हो गई। लटू व हजरीबाई के शवों को जिला अस्पताल भिजवाकर पीएम करवाया गया था। एसपी विपुल श्रीवास्तव ने पत्रकार वार्ता में खुलासा किया कि सभी आरोपी मृतक के करीबी रिश्तेदार होकर आपस में काका बाबा की संतानें थी जिनका पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस जमीन विवाद का मामला न्यायालय में चल रहा था। जिसका फैसला गत मार्च 2019 में आया था जिसमें विवादित जमीन को लटू के हक में देने का न्यायालय ने फैसला दिया था। इस के बाद से ही आरोपी परिवार मृतक परिवार से आपसी रंजीश रखे हुए था। इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी अमरसिंह पिता अनसिंह सहित उसके पुत्र रेमसिंह पिता अमरसिंह को पुलिस टीम ने कंुंभी के जंगल से गिरफ्तार किया। वही  एक अन्य आरोपी रुमाल को ग्राम छोटी वेगलगांव के जंगल से गिरफ्तार  किया। शेष तीन आरोपी मुकेश पिता अमरसिंह, सेमसिंह पिता अमरसिंह, लावरिया पिता रुमाल अभी फरार है जिनकी तलाश पुलिस टीम सरगर्मी से कर रही है। पकड़े गए तीन आरोपी में से अमरसिंह व रुमालसिंह आपस में सगे भाई है व रेमसिंह मुख्य आरोपी का पुत्र है। मुख्य आरोपी अमरसिंह को जब पुलिस कंट्रोल रुम में मीडिया के सामने पेश किया गया तो उसकी शारीरिक हालत देखकर यह कोई नहीं कह सकता कि उसने निर्ममता से हत्याएं की होगी। पुलिस को आरंभिक जांच में पता चला है कि तीनों पकड़े गए आरोपी किसी भी प्रकार का नशा भी नहीं करते है और जमीन विवाद ही इस हत्यकांड की मुख्य वजह है। तीनों ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है। इस मामले में सभी छह नामजद आरोपियों के खिलाफ सोंडवा थाने पर प्रकरण क्रमांक 119/19 में भादवि की धारा 302, 307, 34, 25, 27 आम्र्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया था।

पुलिस टीम गठित की
इस हत्याकांड के बाद से ही पुलिस टीम गठित की गई जिसमें एसपी विपुल श्रीवास्तव के निर्देशन,एएसपी सीमा अलावा के मार्गदर्शन व एसडीएओपी धीरज बब्बर के नेत्त्व में पुलिस टीम गठित की गई। जिसमें सोंडवा टीआई सुनिता मंडलोई, चैकी प्रभारी अंकिता जाट, चैकी प्रभारी छकतला नाथूसिंह रंधा, उपनिरीक्षक बीएस धमावत, सहायक उप निरीक्षक राजेंद्र भदौरिया शामिल थे। आरोपियों की गिर््तारी में पुलिस टीम के सदस्य फूलमाल चैकी प्रभारी जानूसिंह गरवाल, सहायक उप निरीक्षक केएस नायक, आरक्षक प्रदीप, शंकर, सयाराम, विरेंद्र, प्रकाश, प्रदीप चैकी फूलमाल चालक, रोशन, चालक आरक्षक देवेंद्र, शोभाराम, अमरसिंह मनोज का सराहनीय योगदान रहा है। टीम का हौंसला बढ़ाने के लिए एसपी श्रीवास्तव ने टीम को पृथक से पुरस्कृत करने की घोषणा की है। 
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