सांसद भूरिया ने भी विधायकों की सुनी और मुख्यमंत्री से की मुलाकात,
एसपी विपुल श्रीवास्तव से तबादले से जनप्रतिनिधि, आमजन सभी थे नाराज,
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर। ब्यूरो
जिले में 6 दिसंबर 2017 से एसपी के पद पर पदस्थ हुए एसपी विपुल श्रीवास्तव का तबादला आदेश जारी होने 45 घंटे के अंदर ही उनका तबादला आदेश आखिरकार निरस्त हो ही गया। एसपी श्रीवास्तव के तबादला आदेश जैसे ही जारी हुआ था उसके बाद से ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल, जिले के दोनों विधायक मुकेश पटेल व कलावती भूरिया दोनों ही अपनी सरकार के इस फैसले से नाराज थे। क्यों कि एसपी श्रीवास्तव की पुलिसिंग से पूरे जिले का आम जन खुश होकर संतुष्ट था। कांग्रेस सरकार के द्वारा एसपी श्रीवास्तव के तबादला आदेश जारी होने से नगर के गणमान्य नागरिक, मीडिया, आम नागरिकों आदि ने सोशल मीडिया पर जमकर नाराजगी जताई जा रही थी। सोशल मीडिया प्लेट फार्म पर तो जैसे एसपी श्रीवास्तव के पक्ष व समर्थन में युद्ध छिड़ा हुआ हो इस ढंग से आमजन सरकार के इस फैसले पर कड़ी नाराजगी जता रहे थे। सभी की नाराजगी की सूचना दो दिनों से मुख्यमंत्री कमलनाथजी और गृह मंत्री बाला बच्चनजी को पहंुचाई गई। स्थिती यहां तक बन गई थी कि एक कांग्रेसी जनप्रतिनिधि ने तो एसपी विपुल श्रीवास्तव का तबादला आदेश निरस्त नहीं होने की दशा में नगर बंद करने तक की चेतावनी भी दे दी थी। वहीं दूसरी ओर विपक्ष में बैठी भाजपा नेता व उसके जनप्रतिनिधि भी एसपी श्रीवास्तव के तबादला आदेश से संतुष्ट नहीं थे। कुल मिलाकर पूरे जिले में एसपी विपुल श्रीवास्तव के तबादला आदेश जारी होने से कोई भी खुश नहीं था।
जिला कांग्रेस की नाराजगी
एसपी श्रीवास्तव के तबादला आदेश के जारी होते ही जैसे ही इसकी सूचना सोमवार शाम को आलीराजपुर पहंुची। सबसे पहले जिला कांग्रेस के अध्यक्ष महेश पटेल ने तुरंत ही गृह मंत्री बाला बच्चन को फोन कर इसका विरोध जताया साथ ही कांग्रेस संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी इस फैसले पर अपनी गंभीर नाराजगी जता दी थी। वहीं दूसरी ओर विधानसभा सत्र चलने से जिले के प्रभारी मंत्री सुरेंद्रसिंह बघेल हनी, जिले के दोनों विधायक मुकेश पटेल व कलावती भूरिया भी भोपाल में ही थे। प्रभारी मंत्री सुरेंद्रसिंह बघेल हनी दोनों विधायकों को भी कांग्रेस नेता महेश पटेल ने सरकार के इस फैसले से स्वयं व आम जनता की नाराजगी को सीएम तक पहंुचाने के निर्देश दिए। विधायक मुकेश पटेल व विधायक कलावती भूरिया भी दोनों ही सरकार के इस फैसले से हतप्रभ व असंतुष्ट थे। दोनों ने यह बात सांसद कांतिलाल भूरिया को भी बताई। इसके बाद मंगलवार को दोनों विधायक व सांसद भूरिया मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिले और उन्हें एसपी श्रीवास्तव के तबादला आदेश जारी होने पर उसे निरस्त करने की बात कही। सीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बुधवार को नवागत एसपी सचिन आ गए ज्वाईन करने
मंगलवार शाम तक दोनों विधायकों की सीएम कमलनाथ से की गई मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं दूसरी ओर बुधवार की सुबह 11 बजे इंदौर पीटीसी से यहां एसपी के रुप में पदस्थ होने वाले एसपी सचिन शर्मा आलीराजपुर ज्वाईन करने पहंुच गए। इसकी जानकारी जैसे ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल, कार्यवाहक अध्यक्ष ओमसेठ राठौर आदि को लगी तो फिर भोपाल फोन खड़खड़ाए गए और एसपी श्रीवास्तव को तबादला आदेश निरस्त नहीं होने पर गंभीर नाराजगी जताई गई। फिर क्या था दोनों विधायक मुकेश पटेल व विधायक कलावती भूरिया फिर फार्म में आ गए। विधानसभा सत्र का दोपहर में लंच टाईम जैसे ही हुआ। इसके बाद सांसद भूरिया व दोनों विधायक वापस मुख्यमंत्री कमलनाथजी के पास पहंुचे और बताया कि अभी तक एसपी श्रीवास्तव को तबादला आदेश निरस्त नहीं हुआ है और इंदौर से भेजे गए एसपी सचिन शर्मा तो ज्वाईन करने भी पहंुच गए है। फिर तो एसपी श्रीवास्तव श्रीवास्तव का तबादला आदेश निरस्त होने की कार्रवाई में दस मिनट भी नहीं लगे और एसपी सचिन शर्मा का तबादला आदेश उमरिया करते हुए एसपी विपुल श्रीवास्तव को यथावत आलीराजपुर एसपी रखा गयां।
अच्छे आदमी का सभी देते है साथ
कहते है ना अच्छे आदमी का सभी साथ देते है इसी तर्ज पर एसपी विपुल श्रीवास्तव के लिए क्या सत्ता क्या विपक्ष, क्या मीडिया, क्या आमजन, क्या गणमान्य नागरिक और क्या स्वयं पुलिस विभाग सभी के प्रयासों और दुआओं से एसपी श्रीवास्तव का तबादला आदेश अंततः निरस्त हो ही गया। पूरे जिले में एसपी श्रीवास्तव का तबादला निरस्त होने से खुशी और हर्ष व्याप्त है। सभी नागरिकों ने सांसद कांतिलाल भूरिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल, विधायक मुकेश पटेल, विधायक कलावती भूरिया और मीडिया के प्रति आभार माना है।
एसपी श्रीवास्तव की सादगी व सहजता ने बनाया उन्हें लोकप्रिय
एसपी विपुल श्रीवास्तव को जिले में पदस्थ हुए एक साल व दो माह का समय ही हुआ है। इतने अल्प कार्यकाल के बाद अचानक से उनका तबादला आदेश जारी होना कदापि अपेक्षित नहीं था। अपने छोटे से कार्यकाल में कई सारी आपराधिक गतिविधियों का पर्दाफाश करने और स्वयं अपने विभाग के सभी अफसरों, निरीक्षकों, जवानों आदि की समस्याएं गंभीरता से सुनकर उसे दूर करने में पूरे मन से प्रयास करना साथ ही अपने आफिस में पुलिसिया रौब भरे अंदाज से अलग हटकर पूरी सहजता से हर आम और खास आदमी से मिलना व उसकी समस्या को सुनने की एसपी श्रीवास्तव की कार्यशैली ने उन्हें जिले में लोकप्रिय बना दिया है। अब ऐसे पुलिस अधिकारी को कौन नहीं चाहेगा। जिले के सैकड़ों वाट्सएप ग्रुपों में दो दिनों से एसपी श्रीवास्तव के तबादला आदेश जारी होने से कांग्रेस सरकार के इस आदेश के प्रति जो रोष और आक्रोश देखा गया वह भी बहुत उल्लेखनीय रहा है। चार दिनों पूर्व ही गृह मंत्री बाला बच्चन के सामने एसपी श्रीवास्तव की कार्यशैली व व्यवहार की जमकर तारिफ कांग्रेस नेताओं और आमजनों ने की थी। तबादला आदेश निरस्त हो जाने से आम जनता खुश हैं।