जिले की एमबीबीएस छात्रा रोशनी की भोपाल में मौत के मामले ने पकड़ा तूल

आदिवासी सामाजिक संगठनों ने बस स्टेंड पर धरना प्रदर्शन कर घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग रखी

कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान ने भी सीएम से की जांच की मांग, सीएम के निर्देश पनर एसआईटी गठित

आलीराजपुर न्यूज ब्यूरो। 

भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की छात्रा रोशनी कनेश की संदिग्ध मौत को लेकर बुधवार को आदिवासी सामाजिक संगठनी संगठनी और छात्राओं ने बस स्टैंड चौराहा पर प्रदर्शन कर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की और  एसडीओपी अश्वनी कुमार को राज्यपाल के नाम से एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी बारी करते हुए कहा कि रोशनी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। साक्ष्यों में छोड़छाड़ की की आशंका है।


     ज्ञापन में  विशेष रूप से उस निजी हॉस्टल की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई जहां रोशनी रह रही थी। हालांकि इस प्रदर्शन के दो दिन पूर्व कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान ने भोपाल में सीएम डा मोहन यादव से भेंट कर रोशनी की मौत के मामले की जांच की मांग को लेकर एक पत्र सौंपा था। जिस पर सीएम डा यादव ने एसआईटी गठित करने के निर्देश दे दिए है। 


मौत के कारण पर उठाए सवाल

एमबीबीएस की छात्रा रोशनी की मौत के बाद भोपाल में मामला दर्ज किया गया। भोपाल पुलिस ने आरंभिक जांच में रोशनी की मौत का कारण एसिड का सेवन करना बताया गया है जो कि उसकी पीएम रिपोर्ट में बताया गया है। किंतु रोशनी की मौत के मामले की जांच की मांग को लेकर आलीराजपुर में आंदोलन में कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है घटना स्थल से कथित एसिड की बोतल जब्त नहीं होना जांच को संदेह के घेरे में लाता है। शरीर पर एसिड सेवन के सामान्य लक्षणों को लेकर भी सवाल खड़े किए गए है।


सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने का आरोप

संगठनों का आरोप है कि हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए गए हैं। इस सीसीटीसी हार्ड डिस्क जब्त कर फारेंसिक जांच करवाई ताकि कथित रुप से हटाए गए फुटेज रिकवर किया जा सके। आंदोलनकारियों ने घटना और परिजनों को सूचना देने के बीच कथित देरी पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इस दौरान साक्ष्यों से छेड़‌छाड़ आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। संगठनों ने मामले की जांच सीबीआई या उच्च न्यायालय के के न्यायाधीश की निगरानी में करने की मांग की है। रोशनी के दादा उदयसिंह कनेश और पिता वंतरसिंह कनेश ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि आदिवासी बेटी को न्याय नहीं मिला ती प्रदेशम्यापी आंदोलन किया जाएगा। फिल्हाल पुलिस प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।



एसआईटी गठित

कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर उच्च स्तरीय जांच के लिए पत्र सौंपा था। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल एसआईटी गठित करने का निर्णय लिया। छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले की जांच के लिए एसीपी अंकिता खातरकर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है।


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