कलेक्टर राघवेंद्रसिंह तोमर ने की सख्त कार्रवाई, आखिरकार हटाए गए उदयगढ़ बीईओ गिरधर ठाकरे

 मामला उदयगढ़ कन्या शिक्षा परिसर की छात्राओं की अनदेखी का

प्राचार्य, छात्रावास अधिक्षिका व मंडल संयोजक भी हटाए

आशुतोष पंचोली 

आलीराजपुर न्यूज़। ब्यूरो चीफ 

कन्या शिक्षा परिसर उदयगढ़ में निवासरत कई समस्याओं से ग्रसित बीमार छात्राओं की अनदेखी आखिरकार उदयगढ़ बीईओ को भारी पड़ी। कलेक्टर राघवेंद्रसिंह तोमर ने उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही कन्या शिक्षा परिसर के प्राचार्य एलबीसिंह, छात्रावास अधिक्षिका सीमा बामनिया व मंडल संयोजक ज्ञानसिंह चौहान को भी हटाने के आदेश जारी कर दिए। इनके स्थान पर उदयगढ़ बीईओ पद पर नरेंद्र  भार्गव, प्राचार्य पद पर चंदरसिंह बघेल, अधिक्षिका आशा मोरी व मंडल संयोजक मंसूख रावत को बनाया गया है।

ज्ञात रहे कि गत गुरुवार को उदयगढ़ कन्या शिक्षा परिसर की बीमार छात्राएं अपने स्तर से वाहन व्यवस्था कर कलेक्टर कार्यालय पहुंची थी किंतु कलेक्टर महोदय के बाहर होने से वे उनसे मिल नहीं पाई। इसी दौरान पीछे से कलेक्टोरेट पहुंचे बीईओ ठाकरे, प्राचार्य सिंह व अधिक्षिका सीमा बामनिया ने बीमार छात्राओं को बिना उपचार कराए वापस से वाहन करके उदयगढ़ भेज दिया। इस मामले को इस प्रतिनिधि ने प्रमुखता से उठाया था। इस पर कलेक्टर राघवेंद्रसिंह तोमर ने तीन सदस्यों का जांच दल बनाया। जांच दल के सदस्य तहसीलदार निर्भयसिंह पटेल, जनपद सीईओ मनीष भंवर व सीडीपीओ राखी बारिया की रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को कलेक्टर ने उपरोक्त चारों को हटाने के आदेश जारी कर दिए।





जनचर्चा के केंद्र में रहा पूरा मामला

इस प्रतिनिधि द्वारा इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित करने पर जिला प्रशासन की उक्त कार्रवाई की जिले में प्रशंसा हो रही है। साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष महेश पटेल ने भी इस मामले को संज्ञान में लेकर बीमार छात्राओं से चर्चा की एवं अजाक थाने में व सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग जेएस डामोर से भेंट कर बीईओ को निलंबित करने की मांग रखी थी। साथ ही बीमार छात्राओं का उपचार कराने व उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग भी की। पटेल ने जिला प्रशासन को इस मामले में चेतावनी भी दी थी कि यदि जिम्मेदार लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई नहीं की तो वे छात्राओं को लेकर भोपाल जाएंगे व सीएम शिवराजसिंह चौहान व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ  से मुलाकात कर मामले को विधानसभा में उठाने की बात भी कही थी।



लेक्टर की कार्रवाई से छात्राओं के परिजन हुए खुश

इस मामले में कलेक्टर राघवेंद्रसिंह तोमर की उपरोक्त सख्त कार्रवाई से बीमार छात्राओं के परिजन व आम जनता भी खुश हुई है। जनता इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की अपेक्षा कलेक्टर महोदय से कर रही थी।

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