जनपद पंचायत स्थित रेलवे कम्प्यूटीकृत आरक्षण केंद्र हुआ बंद
केंद्र पर तैनात कर्मचारी को जिला पंचायत में कर दिया तैनात
टिकट कराने गए कई लोग हुए परेशान
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर न्यूज़। ब्यूरो चीफ
आदिवासी बहुल आलीराजपुर जिला मुख्यालय पर प्रशासनिक स्तर पर ऐसे नित नए कारनामे हो रहे है कि जिले के मुखिया कलेक्टर महोदय के आदेश को ही उनके अधीनस्थ विभाग के अफसर नहीं मान रहे है। जिसके चलते जिला मुख्यालय की करीब 30 हजार जनता को मिली हुई रेलवे आरक्षण सेवा से वंचित होना पड़ गया है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। कलेक्टर राघवेंद्रसिंह तोमर ने गत 5 दिसंबर को जनपद पंचायत कार्यालय में संचालित पश्चिमी रेलवे के कम्प्यूटीकृत रेलवे आरक्षण केंद्र पर जिला पंचायत के समन्यवयक अधिकारी प्रदीप अर्नाल्ड को नियुक्त करने के लिखित आदेश गत 5 दिसंबर को दिसंबर को किए। किंतु जिला पंचायत के जिम्मेदार अफसरों ने कलेक्टर महोदय के उक्त आदेश को माना नहीं और केंद्र पर तैनात किए गए कर्मचारी प्रदीप अर्नाल्ड को मंगलवार सुबह कार्यालयीन समय में दिनभर जिला पंचायत में उपस्थित रहने के आदेश दे दिए। जिसके चलते मंगलवार सुबह से रेलवे आरक्षण केंद्र बंद रहा इस वजह से वहां पर टिकट बुक कराने गए हुए कई यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जबकि इस मामले में नगर के जागरुक मीडियाकर्मियों ने एक दिन पहले जिला पंचायत सीईओ से भी इस संबंध में चर्चा की थी। किंतु इसके बावजूद मंगलवार से रेलवे आरक्षण केंद्र बंद हो गया। नागरिकों में केंद्र बंद होने पर प्रशासन के प्रति गंभीर नाराजगी व्याप्त हो गई है। हालांकि इस मामले में कलेक्टर राघवेंद्रसिंह तोमर से चर्चा करने पर उन्हौंने आश्चर्य जताया कि यह केंद्र कैसे बंद हो गया? पश्चात उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी गई इस पर कलेक्टर तोमर ने इस मामले को दिखवाने की बात कही है।
*यह है कलेक्टर महोदय के आदेश13 सालों से संचालित है आरक्षण केंद्र
प्राप्त जानकारी के अनुसार आलीराजपुर के सन 2008 में जिला बनने के बाद से जिले के प्रथम कलेक्टर चंद्रशेखर बोरकर के विशेष प्रयासों से जनपद पंचायत कार्यालय में रेलवे आरक्षण केंद्र पश्चिमी रेलवे के रतलाम मंडल की ओर से आरंभ किया गया। गत 13 सालों में किन्हीं कारणों से व लाक डाउन के चलते केंद्र दो तीन बार बंद रहा। जिसको लेकर नगर के समाजसेवी व मीडियाकर्मियों ने इस मामले को वर्तमान कलेक्टर राघवेंद्र सिंह तोमर तक पहंुचाया। उनके प्रयासों से यह कंेद्र पुनः आरंभ हो गया। किंतु मंगलवार से अचानक से केंद्र बंद होने पर नागरिकों को यह जानकारी मिली तो उन्हौंने इस मामले को प्रशासन व मीडिया के सामने उठाया। मंगलवार को रेलवे केंद्र पर मथुरा गिरिराजजी की यात्रा के लिए टिकट बुक कराने गए श्याम शाह, कल्पेश सराफ आदि ने बताया कि हम कंेंद्र पर पहंुचे तो हमें केंद्र बंद मिला व हम टिकट बुक नहीं करा सके व परेशान हुए। इसी प्रकार पूना के लिए तत्काल कोटे का टिकट बुक कराने पहंुची प्रतिभा पंचोली ने बताया कि उन्हें बेटी से मिलने पूना जाना था किंतु केंद्र बंद था आन लाईन भी टिकट बुक नहीं हो सका।
प्रतिदिन होते है हजारों रुपए के टिकट बुक
मिली जानकारी के अनुसार आलीराजपुर स्थित रेलवे आरक्षण केंद्र से प्रतिदिन रेलवे को हजारों रुपए का राजस्व प्राप्त होता है। प्रतिदिन यहां से 30-40 टिकट बुक होते है। सीजन के दिनों में राजस्व का आंकड़ा एक से डेढ़ लाख रुपए प्रतिदिन तक पहंुच जाता है। केंद्र बंद होने से रेलवे को राजस्व का नुकसान दूसरा नागरिकों मिली हुई सुविधा छीनी जा रही है जिससे आम जनता में प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी है।
मुझे आपके माध्यम से ही रेलवे केंद्र बंद होने की जानकारी मिली है। मै इस मामले को दिखवाती हूं और जिला मुख्यालय की जनता को रेलवे आरक्षण केंद्र की सुविधा हर हाल में मिलती रहे ऐसे प्रयास किए जाएंगे।
- अनिता नागरसिंह चौहान जिला पंचायत अध्यक्ष।
जिला मुख्यालय पर तैनात अफसरों की मनमानी से जनता परेशान हो रही है। कलेक्टर महोदय ने जिस कर्मचारी की तैनाती का आदेश किया उसे उनके मातहत अफसर ही नहीं मान रहे है। रेलवे आरक्षण केंद्र तुरंत आरंभ होना चाहिए अन्यथा हम आंदोलन करेंगे।
- मुकेश पटेल विधायक आलीराजपुर।
रेलवे आरक्षण केंद्र पर तो प्रशासन ने अपना कर्मचारी नियुक्त किया है। केंद्र बंद हो गया यह बात मेरी जानकारी में नहीं है मैं इस संबंध में कार्रवाई करता हूं।
- राघवेंद्रसिंह तोमर कलेक्टर।
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