नगर के इतिहास में पहली बार पुस्तक मेले में लाखों की पुस्तक बिकी
विशाल वाणी
चंद्रशेखर आजादनगर। अलीराजपुर न्यूज़
नियमित पुस्तकों का अध्ययन हमारे ज्ञान चक्षु को खोल देता हैं| किताबों के प्रति है रूचि और अधिक बढ़ने लगती हैं| अक्सर बड़े और विद्वान लोगों को देखा हैं वे किताबों के अत्यधिक शौकीन होते हैं| विद्यार्थी हो चाहे कोई भी आम व्यक्ति हैं उसे किताबों का नियमित अध्ययन करना चाहिए| जिससे वे अपने ज्ञान में निरंतर वृद्धि कर सकता हैं| उक्त बात जनजाति कार्य विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय पुस्तक मेले के समापन अवसर पर सांसद प्रतिनिधि व पूर्व विधायक माधौसिंह डावर ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों से कहीं|
डावर ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद नगर के इतिहास में पहली बार किसी पुस्तक मेले में लाखों की पुस्तकों का विक्रय हुआ जो ऐतिहासिक हैं|आगामी समय में यह पुस्तक मेला तीन दिवस के बजाय एक सप्ताह तक रखने का प्रयास किया जाएगा|
तहसीलदार जितेंद्रसिंह तोमर ने कहा के पुस्तक मेला की सफलता के पीछे जनजाति कार्य विभाग के जितने भी शिक्षक शिक्षिकाएं जिनके प्रयास से यह पुस्तक मेला सफल रहा हैं वे सभी बधाई के पात्र हैं |पुस्तक मेला एक ऐसा स्थान हैं जहां हम पुस्तकों को देख समझकर, पढ़कर,रुचि अनुसार क्रय कर सकते हैं| जबकि यह सुविधा बाजार की दुकानों पर उपलब्ध नहीं रहती वहां सीधे ही क्रय करना पड़ती हैं |ऐसे पुस्तक मेलों का हमें लाभ लेना चाहिए|
पुस्तक मेले के संचालक हरीश शर्मा ने कहा कि बड़ी प्रसन्नता का विषय है हमारे तीन दिवसीय पुस्तक मेले में शिक्षक शिक्षिकाओं के अतिरिक्त स्थानीय लोगों रूचि दिखाते हुवे बढ़-चढ़कर पुस्तके क्रय की| यहां तक की हैं कई पुस्तकें का स्टाक समय से पहले ही खत्म हो गया|
कार्यक्रम में तहसीलदार जितेंद्र सिंह तोमर बीईओ विनोद कुमार कोरी, सीएमओ इकबाल मनिहार,बीआरसी राजेंद्र बैरागी,वरिष्ठ सुंदरलाल कुमावत,रुस्तम सिंह ठाकुर, धर्मेंद्र जायसवाल,पुस्तक मेले के संचालक हरीश शर्मा, जनजाति कार्य विभाग के शिक्षक-शिक्षिका, स्कूली छात्र-छात्रा मौजूद थे |कार्यक्रम का संचालन निलेश शाह द्वारा किया गया |आभार व विनोद कुमार कोरी द्वारा व्यक्त किया गया!
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