जिला प्रशासन के निर्देश पर दो थोक दवाई विक्रेताओं के यहां पर छापामार कार्रवाई

बड़ी मात्रा में मिली एक्सपायरी डेट की दवाईयां, 

दोनों थोक विक्रेता झोलाछाप चिकित्सकों को थोक में करते है दवाई सप्लाय

रघु कोठारी/आशुतोष पंचोली

अलीराजपुर न्यूज।

आदिवासी अंचल अलीराजपर जिले में दवाई के नाम पर कुछ व्यापारियों ने सालों से इस धंधे को गोरखधंधे के रुप में अपना लिया है। जिसके कारण इस क्षेत्र में हल्की फुल्की दवाई एवं एक्सपायरी डेट की दवाईयों को धूम से बेचा जा रहा है। गत मंगलवार 2 फरवरी को जिला प्रषासन के निर्देष पर स्थानीय प्रषासन व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम की कार्रवाई से नगर के दवाई विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। नगर के दो थोक दवाई विक्रेताओं के यहां पर प्रषासन की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए इन दो दुकानों से बड़ी मात्रा में एक्सपायरी डेट की दवाईयां जब्त कर ली है। कार्रवाई के बाद से दवाई विक्रेताओं में जहां एक ओर हड़कंप मच गया हैं वही दूसरी ओर प्रषासन की जांच कार्रवाई से असंतुष्ट जागरुक नागरिकों व संगठनों ने इस मामले  को सीएम शिवराजसिंह सिंह चैहान तक पहंुचाने की कवायद आरंभ कर दी है। इस मामले में षिघ्र ही सीएम हेल्प लाईन पर मय सबूतों के षिकायत की जा रही है। 


झोलाछाप फर्जी चिकित्सकों को करते है दवाई सप्लाय

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त दोनों थोक दवाई विक्रेता अलीराजपुर, झाबुआ सहित आसपास के जिलों में संचालित अवैध झोलाछाप चिकित्सकों को बड़ी मात्रा में दवाई सप्लाय का काम मुख्यत करते हैं। साथ ही झोलाछाप चिकित्सकों की दुकानदारी निर्बाध ढंग से चलती रही इसकी चैथ वसूली कर प्रषासन व स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों को पहुंचाने की दलाली भी करते है। 


ड्रग इंसपेक्टर व जिम्मेदारों की मिलीभगत

अलीराजपुर जिले में पदस्थ ड्रग इंसपेक्टर व संबंधित अन्य जिम्मेदार सरकारी अफसर भी इस मामले में कहीं न कही संलिप्त है। इनकी उदासीनता के कारण इस प्रकार की कार्रवाई यहां पर अभी तक हो ही नहीं रही थी। डग इंसपेक्टर की उदासीनता व दवाई विक्रेताओं से मिलीभगत के चलते थोक दवाई विक्रेताओं के हौंसले बुलंद थे और एक्सपायरी डेट की दवाईयां भी अब तक जमकर बेची जा रही है। जब इस मामले को कलेक्टर के संज्ञान में मीडिया से एक आवष्यक बैठक के दौरान अलीराजपुर की प्रिंट मीडिया के पत्रकारों ने इस मामले को उठाया तो उसके बाद जिला प्रषासन हरकत में आया और थोक विक्रेताओं के यहां पर छापामार कार्रवाई के निर्देष दिए। 


अकूत संपत्ति कर ली इकठ्ठी

 जिला प्रषासन द्वारा उक्त थोक व्यापारियों के खिलाफ की गई कारवाई के बाद उन्हें हिदायत देकर छोड़ देने से गोरखधंघे में लिप्त इन व्यापारियों के अभी भी हौंसले बुलंद है। सालों से इस प्रकार के काले कारनामों में लिप्त इन दोनों दवाई के थोक व्यापारियों ने अपनी काली कमाई से अकूत संपत्ति इकठ्ठी कर ली है। जिसमें से एक व्यापारी ने तो गुजरात में व दूसरे ने इंदौर सहित नगर में इस काली कमाई को लगाकर अपना करोड़ों का साम्राज्य बना लिया है। जिसक खबर न तो शासन को है ना ही प्रषासन को है। इन दोनों थोक व्यापारियों को तकरीबन दस जिलों में एक्सपायरी डेट का माल विक्रय करने का गोरखधंघा चल रहा है। जिससे करीबन ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे लगभग हजारों झोलाछाप चिकित्सकों को इस प्रकार की दवाई ये लोग बेच रहे है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में निवास कर रहे गरीब एवं आदिवासी लोग ईलाज के दौरान कई बार बेमौत मर जाते है। परंतु इस धंधे में लिप्त ये लोग लोगों की जिंदगी से खेलकर भी करोड़ों रुपए की दवाई ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई करके प्रतिवर्ष करोड़ों की काली कमाई करने में लिप्त है। जब जब भी इन लोगों पर कार्रवाई के नाम पर प्रषासन की गाज गिरती है तो ये लोग अपने आर्थिक हितों को बचाने में तगड़ी धन राषि खर्च करने में पुनः कुकुर मुत्तों की तरह उग जाते है। अभी कुछ दिनों पहले प्रषासन द्वारा ईन लोगों के खिलाफ जो कार्रवाई की गई उक्त कार्रवाई से काले कारनामे करने वाले इन थोक व्यापारियों को तनिक भी असर नहीं हुआ है। 


लायसेंस निरस्त की हो कार्रवाई

दरअसल में यदि दवाई के काले धंधे में लिप्त इन लोगों पर सटिक कार्रवाई करते हुए शासन व प्रषासन इनके लायसेंस निरस्त कर इनकी काली कमाई की यदि बारिकी से जांच करे तो करोड़ों रुपए का काला धन बाहर आने में देर नहीं लगेगी। इन थोक दवाई विक्रेताओं के लायसेंस भी जांच कार्रवाई पूर्ण होने तक निलंबित या निरस्त करना चाहिए। वहीं इस प्रकार की कार्रवाई से प्रदेष के लगभग आठ दस जिलों में चल रहे इनका गोरखधंधा बंद होगा और गरीबों को स्वास्थ्य के नाम पर हो रही लूट से छुटकारा भी मिलेगा।  इस काले धंधे से करोड़ों में कमाई करने के बाद उक्त थोक व्यापारी बेषकीमती जमीनों के धंधे में भी कूद गए है। वहां पर भी ये दस गुना मुनाफे के साथ काला धंधा करने में मषगूल है। इन लोगांे की यदि सख्ती से जांच की जाए तो करोड़ों रुपए के गबोले सामने आते देर नहीं लगेगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री एवं अन्य जांच एजेंसियों को भी आन लाईन  षिकायत विभिन्न संगठनों व पत्रकार संगठन द्वारा की जा रही है। ताकि इस गोरखधंधे का पूरी तरह से पर्दाफाष हो सके। 

क्या कहते है जिम्मेदारः

कलेक्टर मैडम के निर्देष पर दो थोक दवाई विक्रेताओं की दुकान पर कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में एक्सपायरी डेट की दवाईयां जब्त कर उन्हें कलेक्टोरेट में रखवाया गया है। आगे की कार्रवाई सीएमएचओ करेंगे।

-केएल तिलवारे तहसीलदार ।

दोनों दुकानों से एक्सपायरी डेट की दवाईयां जब्त की है। जिन पर नियमानुसार व कलेक्टर मैडम के निर्देष पर आगे की कार्रवाई करेंगे।

- डा प्रकाश ढोके सीएमएचओ अलीराजपुर। 


Share on WhatsApp