पिथौरा आर्ट को राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई
आशुतोष पंचोली
अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ
म.प्र. शासन के प्रतिष्ठित पुरस्कार शिखर सम्मान (1986-87) प्राप्त लोक चित्रकार श्री पैमा फत्या का गत दिवसं निधन हो गया। श्री पेमा फत्या को 1986 में महज 35 वर्ष की आयु में महामहिम राज्यपाल महोदय द्वारा शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया था। लोककला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर उन्हें कई सम्मान प्राप्त हो चुके है। अलीराजपुर जिले के चन्द्रषेखर आजाद नगर (भाबरा) निवासी श्री पैमा फत्या ने आदिवासी लोक चित्रकला पिथौरा आर्ट को राष्ट्रीय और अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में विषेष योगदान दिया।
करीब 70 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ। आप बीते लंबे समय से पैरालिसीस की बिमारी से पीडित थे। कैनवास पर मनमोहक रंगों से आदिवासी कला पिथौरा आर्ट को उकेरकर पहचान दिलाने में श्री पैमा फत्या का विशेष योगदान रहा। कलेक्टर श्रीमती सुरभि गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री विपुल श्रीवास्तव ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए पीडित परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है।
- श्री पैमा फत्या पिथौरा आर्ट एवं सम्मान पत्र के साथ।

