किराना व्यापारी संघ ने खाद्य विभाग के कार्य में राजस्व विभाग के हस्तक्षेप का किया विरोध,

राजस्व विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई से व्यापारियों में आक्रोश,
विरोध स्वरूप सौंपा ज्ञापन
गिरिराज मोदी
आलीराजपुर न्यूज सिटी रिपोर्टर। 
जिला किराना व्यापारी संघ के द्वार खाद्य विभाग के कार्य में राजस्व विभाग के बढ़ते हस्तक्षेप व छोटी छोटी दुकानों पर राजस्व अधिकारी द्वारा की जा रही कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को कलेक्टर सुरभि गुप्ता के नाम डिप्टी कलेक्टर संजीव पांडे को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांग की गई की छोटे व्यापारियों का ग्रामीण क्षेत्र में अपना व्यापार चलाना ही कठीन हो रहा है ऐसे में राजस्व विभाग के द्वारा व्यापारियों पर की गई कार्रवाई से व्यापारियों मे भय का वातावरण है। वैसे भी जिले में पलायन के चलते ग्रामीण क्षेत्र में व्यापार की स्थिति काफी खराब है और व्यापारी आर्थिक रूप से नाजूक दौर से गुजर रहा है। ऐसे में छोटे व्यापारियों को प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई से व्यापार करने में काफी कठिनाईयां आ रही है। ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान संघ के जिलाध्यक्ष संतोष थेपडिय़ा सचिव मनीष शुक्ला ब्रजमोहन बेडिय़ा सुरेश सारडा सहित बड़ी संख्या में व्यापारीगण मौजूद थे। 
क्या है ज्ञापन में 
किराना व्यापारी संघ के द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि शासन प्रशासन की मंशा अनुसार खाद्य पदार्थो ेमें मिलावट में रोक हो इसका हम समर्थन करते है लेकिन खाद्य विभाग के कार्य में बढ़ते राजस्व विभाग के हस्तक्षेप का पुरजोर विरोध करते है। पिछले 2 माह में मिलावट रोकने के नाम पर खाद्य विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों की दुकान पर पहुंचकर भय का वातावरण बनाया हुआ है। हमारा जिला छोटा जिला है उसके बाद भी 90 से अधिक खाद्य प्रकरण बनना यह सिद्ध करता है कि अधिकारियों द्वारा व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। अप मीश्रण जैसे साधारण प्रकरणों के निराकरण में छोटे छोटे व्यापारियों पर 3 से 5 हजार रूपए तक की दंड की राशि को बढ़ाकर ३० से ५० हजार तक कर देना किसी भी प्रकार से न्यायोचित नहीं है।
ये है किराना व्यापारी संघ की मांग
सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई की खाद्य विभाग के कार्य में राजस्व विभाग का हस्तक्षेप समाप्त किया जाए। अन्य जिलो की तूलना पर कार्रवाई करने के बजाय जिले की परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यकता को ध्यान मे रखकर व्यापारियों को सहयोगी बनाकर सुधार हो सके ऐसी कार्रवाई की जाए। वहीं मीस ब्रांड जैसी स्थिति में दंड की राशि निर्माता पर आरोपित हो ना की विक्रेता पर। खाद्य विभाग द्वारा टारगेट पूर्ण करना जबरन परेशान करना जांच के नाम पर आए दिन प्रताडि़त करना बंद हो। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की सरकारी दुकानों पर वितरित हो रहे गेंहू चावल एवं नमक की जांच की जाए व अमानक पाए जाने पर उन पर भी कार्रवाई की जाए। मीस ब्रांड जैसे प्रकरणों के निराकरण में व्यापारियों पर दंड की राशि 5 हजार से अधिक ना हो। ऐसी अन्य मांगे भी ज्ञापन में शामिल है। 
Share on WhatsApp