जिला बनने के 17 साल में 12 कलेक्टर बदल गए
नीतू माथुर जिले की 13 वीं कलेक्टर होंगी
चंद्रशेखर बोरकर व शेखर वर्मा के बाद डा बेडेकर का कार्यकाल रहेगा हमेशा स्मरणीय
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ
मप्र के तत्कालिन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने झाबुआ जिले को विभाजित करते हुए 17 मई 2008 को आलीराजपुर जिला बनाने की घोषणा स्वयं ने यहां आलीराजपुर आकर की थी। आलीराजपुर को जिला बनाने में विधायक व कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का विशेष योगदान था। जिला इस भावना व उद्देश्य से बनाया गया था कि गरीबी, आदिवासी बाहुल्य व पिछड़ा क्षेत्र होने के कारण इसका विकास सही ढंग से हो सके। जिले का क्रमिक विकास तो शासन की योजनाओं और उसके क्रियान्वयन से तो खैर हो ही रहा है किंतु भोपाल से की जाने वाले प्रशासनिक सर्जरी का शिकार यह जिला बारंबार हो रहा है। क्यों कि जिला बनने के 17 सालों के दौरान यहां पर 12 कलेक्टर बदल दिए गए। जिसमें तीन कलेक्टर तो मात्र 6 से 8 माह में ही बदल दिए गए।
मंगलवार रात को भोपाल से आईएएस अफसरों की जो स्थानांतरण सूची जारी हुई उसमें यहां के कलेक्टर डॉ अभय अरविंद बेडेकर का तबादला भोपाल अपर आयुक्त पर्यटन विभाग में कर दिया गया। जिले की 13 वें कलेक्टर के रुप में नीतू माथुर अपर आयुक्त राजस्व रीवा को पदस्थ किया गया है। जिले की जनता में कलेक्टर के स्थानांतरण को लेकर बीते दो माह से अटकलों का दौर चल रहा था। जिस पर मंगलवार की रात को विराम लग गया।
औसतन डेढ़ साल तक रहा कलेक्टर का कार्यकाल
जिले के प्रथम कलेक्टर चंद्रशेखर बोरकर का कार्यकाल एक साल दो माह का रहा। अशोक देशवाल 8 जुलाई 2009 से 15 जून 2011 तक पदस्थ रहे। फिर पुष्पलता सिंह 23 जून 2011 से 22 दिसंबर 2011 तक रही। राजेंद्रसिंह 3 जनवरी 2012 सूे 12 मार्च 2013 तक कलेक्टर रहे। एनपी डेहरिया 13 मार्च 2013 से 21 अगस्त 2014 तक रहे। फिर शेखर वर्मा 21 अगस्त 2014 से 31 अक्टूंबर 2016 तक रहे। गणेशशंकर मिश्रा 1 नवंबर 20116 से 22 दिसंबर 2018 तक रहे। शमीमउद्दीन 26 दिसंबर 2018 से 3 जून 2019 तक मात्र 7 माह ही कलेक्टर रह पाए। फिर सुरभि गुप्ता 4 जून 2019 से 6 सितंबर 2021 तक रही। फिर 9 सितंबर 2021 को आए मनोज पुष्प भी ऐसे कलेक्टर रहे जो कि अपने 6 माह भी पूरे नहीं कर पाए और 4 फरवरी 2022 को हटा दिए गए। राघवेंद्रसिंह 4 फरवरी 2022 से लेकर 12 जुलाई 2023 तक कलेक्टर रहे। डा अभय अरविंद बेडेकर 12 जुलाई 2023 से अब तक कलेक्टर रहे है और वे संभवतया 2 अक्टूंबर को नवागत कलेक्टर नीतू माथुर को चार्ज सौंपेंगे। इसी प्रकार तुलनात्मक रुप से कलेक्टरों के कार्यकाल को देखा जाए तो औसतन डेढ़ साल ही एक कलेक्टर का कार्यकाल जिले में रहा है।
तीन कलेक्टर हमेशा याद रहेंगे
जिला बनने के 17 सालों के दौरान तीन कलेक्टरों के कार्यकाल जिले की जनता हमेशा याद करती है और आगे भी करती रहेगी। प्रथम कलेक्टर चंद्रशेखर बोरकर ने जिले को खड़ा करने में बेहतरीन योगदान दिया था किंतु उन्हें यहां काम करने का ज्यादा अवसर नहीं मिला यदि वे आरंभ के तीन साल तक टिक जाते तो जिले की तस्वीर आज कुछ और होती। उसके बाद यहां पदस्थ हुए शेखर वर्मा साहब का कार्यकाल तो सर्वाधिक लोकप्रिय रहा। उन्हौंने अपने सामाजिक सरोकार के कार्यों से हर किसी का दिल जीत लिया था। उनके दरवाजे पर कोई भी दुखी, पीड़ित मदद के लिए गया तो कभी खाली हाथ नहीं लौटा। कभी कभी तो वर्मा साहब ने अपने निजी खर्चे से कई गरीबों की मदद तक की। इसके बाद डा अभय अरविंद बेडेकर को भी जिलेवासी कभी नहीं भूलेंगे। डा बेडेकर की सहजता, सरलता, पीड़ित मानवता के प्रति अपनी संवेदनशीलता और हर खास के साथ आम आदमी की उन तक आसानी से पहंुच को जनता नहीं भूलेंगी। नगर से गुजर रहे खंडवा बडौदा अंतरप्रांतीय राज मार्ग से अतिक्रमण हटाकर उसे चौड़ा करने का ऐतिहासिक काम आपने किया। इसके अलावा प्रशासनिक कार्यो को अपने मातहत अफसरों व कर्मचारियों से कराने का सरलीकरण जिस ढंग से उन्हौंने किया उसको सभी कर्मचारी भी कभी नहीं भूलेंगे। जो अच्छा काम करता है उसे बुराईयां भी मिलती है। अपने कुछ फैसलों से वे चर्चा के केंद्र में भी रहे किंतु उनका कहना है मैंनें प्रशासनिक दृष्टि से जो सही व नियमानुसार था उसे हमेशा प्राथमिकता दी है। आपके कार्यकाल में रेडका्रस सोसायटी के फंड में अभूतपूर्व व रिकार्ड बढ़ोतरी हुई जो आज तक किसी भी कलेक्टर के कार्यकाल में नहीं हो पाई।
गांधी जयंती के दिन करेंगे ज्वाईन
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गांधी जयंती के दिन नवागत कलेक्टर नीतू माथुर अपना कार्यभार ग्रहण करेंगी। जिले को नवागत कलेक्टर से कई उम्मीदें रहेंगी। जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ पत्रकारों के अनुसार अब तक के कलेक्टरों के कार्यकालों को देखा जाए तो प्रथम कलेक्टर चंद्रशेखर बोरकर, शेखर वर्मा और डॉ अभय अरविंद बेडेकर इन तीन कलेक्टरों का कार्यकाल उनके उल्लेखनीय कार्यों की वजह से हमेशा याद किया जाता है और रहेगा।
जिले की जनता की अच्छी तरह से मुझे सेवा करने का मौका मिला। यहां का अनुभव अच्छा रहा। परिवर्तन प्रकृति का नियम है। मैंने अपनी पूरी क्षमता व लगन से जिले का प्रशासनिक दायित्व संभाला। नए दायित्व के दौरान पर्यटन विभाग के तहत आलीराजपुर जिले में पर्यटन को बढ़ाने की दिशा में काम करुंगा।
- डॉ अभय अरविंद बेडेकर कलेक्टर



