विधायक मुकेश पटेल
और जिला कांग्रेस
अध्यक्ष पटेल सहित
सैंकड़ों कांग्रेसियों ने घेरा
थाना,
थाना प्रभारी
सहित ३ पुलिस
कर्मीयों को एसपी
ने किया निलंबित
आशुतोष पंचोली
आलीराजपुर।ब्यूरो चीफ
जिले के
सबसे बड़े कस्बाई
थाना नानपुर में
शुक्रवार-शनिवार की दरम्यान
रात में पुलिस
ने मानवीयता की
सारी हदे पार
करते हुए संगीन
अपराध को फिल्मी
स्टाइल में अंजाम
दिया। पुलिस पर
आरोप है कि
उसने मारपीट के
एक मामले में
थाना प्रभारी से
हाथापाई करने के
आरोप में 5 युवकों
को हिरासत में
लिया था। उनके
विरूद्ध प्राथमिकी भी दर्ज
की गई थी।
किंतु देर रात
में थाना प्रभारी
दिनेश चौंगड ने
स्टाफ के अन्य
पुलिस कर्मीयों के
साथ शराब के
नशे में धुत
होकर पांचो युवकों
की इतनी जबरजस्त
पिटाई की की
वे बुरी तरह
जख्मी हो गए
जिसमें 1 युवक तो
नाबालिग भी है।
मामला गंभीर होने
से कांग्रेस नेताओं
ने इसकी जानकारी
गृहमंत्री बाला बच्चन
व जिले के
प्रभारी मंत्री सुरेन्द्रसिंह बघेल
को अवगत करवाया।
गृहमंत्री बाला बच्चन
ने तुरंत एसपी
श्रीवास्तव से फोन
पर चर्चा कर
इस मामले मे
आवश्यक कार्रवाई करने के
निर्देश दिए।
मारपीट में घायल
युवकों ने आरोप
लगाया कि उन्हें
रात में पुलिस
ने जबरन पैशाब
भी पिलाई। इस
संबंध में युवकों
के परिजन व
ग्रामीणों ने शनिवार
को एसपी को
एक आवेदन सौंपकर
संबंधित पुलिसकर्मीयों के खिलाफ
सख्त कार्रवाई कर
एफआईआर दर्ज करने
की मांग भी
की है। हालाकि
दोपहर में एसपी
श्रीवास्तव ने थाना
प्रभारी दिनेश चौंगड व
तीन पुलिस कर्मी
आरक्षक राहुल, विजय और
मनोहर को तत्काल
प्रभाव से निलंबित
कर दिया है। पुलिस मारपीट में घायल युवक रीतेश पिता राजू चैहान निवासी खारकुंआ, यशवंत पिता बलवंत चैहान निवासी माछलिया, विकास पिता कैलाश व आदित्य पिता कैलाश चैहान निवासी खारकुंआ, राहुल पिता भेरुसिंह चैहान निवासी माछलिया फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
नानपुर थाने का
ग्रामीणों ने किया
घेराव
शनिवार की सुबह
मामले ने तूल
पकड़ा युवकों के
साथ पुलिस की
बर्बरता की शिकायत
जिला कांग्रेस कमेटी
के अध्यक्ष महेश
पटेल व विधायक
मुकेश पटेल तक
पहुंची। सबसे पहले
जिला अध्यक्ष पटेल
थाने पर पहुंचे।
कुछ ही देर
में सैंकड़ो की
संख्या में ग्रामीणों
ने थाना घेर
लिया। मामले ने
तुल पकड़ा तो
एसपी विपुल श्रीवास्तव
को नानपुर आना
पड़ा। हालाकि एसपी
श्रीवास्तव ने एसडीओपी
आरसी भाकर को
शनिवार सुबह से
ही नानपुर थाने
पर भेज दिया
था। थाना प्रभारी
के कक्ष में
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पटेल ने
पुलिस अभिरक्षा में
गिरफ्तार युवकों के साथ
की गई जमकर
मारपीट पर कड़ा
आक्रोश व्यक्त किया और
लाकअप मेसे युवकों
का हाल जानने
के लिए एसडीओपी
भाकर से निवेदन
किया।
एसडीओपी भाकर
ने लाकअप मे
बंद मारपीट में
घायल पांचो युवकों
को बुलवाया और
उनके कथन लिए।
इसके पश्चात मेडीकल
के लिए आलीराजपुर
जिला अस्पताल रैफर
किया गया। इसी
दौरान विधायक मुकेश
पटेल भी थाने
पर पहुंचे और
पुलिस की बर्बरतापूर्ण
कार्रवाई के खिलाफ
आक्रोश जाहिर किया। दोनो
नेताओं ने एसपी
श्रीवास्तव से थाना
प्रभारी सहित 3 पुलिस कर्मीयों
को तुरंत निलंबित
कर उनके खिलाफ
एफआईआर करने की
मांग की। जिस
पर एसपी ने
तुरंत एसडीओपी भाकर
को जांच अधिकारी
नियुक्त कर जांच
रिपोर्ट के बाद
कार्रवाई का भरोसा
दिलाया। इस दौरान
नानपुर थाने पर
बड़ी संख्या में
ग्राम खारकुआ, माछलिया
व खरपई के
ग्रामीण और घायल
युवकों के परिजन
पहुंचे और पुलिस
के खिलाफ नारेबाजी
करते हुए उग्र
प्रदर्शन किया।
घायल युवको
को उपचार के
बाद करना पड़ा
भर्ती
एसपी के
निर्देश पर सभी
घायल युवकों को
मेडिकल चेकअप के लिए
जिला अस्पताल आलीराजपुर
लाया गया। जहां
चिकित्सकों की टीम
ने पाचों घायल
युवकों का मेडिकल
चेकअप किया। चिकित्सकों
के अनुसार सभी
घायलों की हालत
खतरो से बाहर
है लेकिन दो
घायलो को जख्म
एवं हडडी में
चौंट आने से
उनकी हालत थोड़ी
गंभीर है। चूकी
मामला पुलिस के
द्वारा मारपीट का था
इसलिए चिकित्सकों ने
पांचो घायलों को
अस्पताल में भर्ती
कर दिया है।
घायलों के साथ
अस्पताल पहुंचे जिला कांग्रेस
अध्यक्ष, विधायक मुकेश पटेल,
कार्य वाहक अध्यक्ष
ओम राठौर व
अन्य कांग्रेस नेताओं
ने घायलों के
उपचार के दौरान
करीब 1 घंटे तक
अस्पताल में ही
मौजूद रहे जिसके
चलते अस्पताल में
गहमा गहमी का
माहौल बना रहा।
पुलिस के खिलाफ
रैली निकालकर सौंपा
ज्ञापन
शनिवार को दोपहर
को एसपी ने
दोषी थाना प्रभारी
व 3 पुलिस कर्मीयों
को निलंबित करने
के आदेश जारी
कर दिए। लेकिन
कांग्रेस नेतागण व घायलों
के परिजन एसपी
की इस कार्रवाई
से संतुष्ट नहीं
थे। जिसके चलते
शनिवार दोपहर करीब 3.30 बजे
जिला कांग्रेस अध्यक्ष
महेश पटेल के
नेतृत्व में सीनेमा
चौराहा से एसपी
कार्यालय तक रैली
निकाली गई जिसमे
पुलिस प्रशासन के
खिलाफ ग्रामीणों में
बहुत आक्रोश देखा
गया। इस दौरान
पुलिस के खिलाफ
नारेबाजी भी की
गई। रैली एसपी
आफिस पहुंची। जहां
ग्रामीणों व कांग्रेस
नेताओं ने ज्ञापन
सौंपा।
क्या है
ज्ञापन में
कैलाश पिता वेस्ता
निवासी खारकुआं ने शनिवार
को एसपी विपुल
श्रीवास्तव को सौंपे
गए ज्ञापन में
बताया कि मेरे
पुत्रो को पुलिस
थाना नानपुर के
द्वारा शुक्रवार को गिरफ्तार
कर थाने पर
लाया गया। जहां
पर उनके साथ
रात्री 12 बजे से
थाना प्रभारी दिनेश
चौंगड, आरक्षक विजय, राहुल,
मनोहर एवं एक
अन्य आरक्षक के
द्वारा रातभर लठठ, सरिये,बेल्ट आदि से
जमकर मारपीट की
गई। जिससे उन्हें
चलने में दिक्कते
आ रही है।
जिसके कारण उन्हें
अस्पताल में भर्ती
किया गया है।
आवेदन में आरोप
लगया गया कि
मारपीट करने वाले
सभी पुलिसकर्मी शराब
के नशे मे
थे और बारी
बारी से मेरे
पुत्रों को साथ
मारपीट की गई।
जब बच्चों ने
उनसे पानी मांगा
तो उन्हें पैशाब
पिलाने जैसा अमानवीय
कृत्य किया गया।
जब मे और
मेरा परिजन बच्चों
से मिलने थाने
पर गए तो
बच्चों ने पुलिस
के द्वारा उनके
साथ मारपीट किए
जाने व पैशाब
पिलाने की बात
बताई गई। पुलिस
ने हमारी शिकायत
भी दर्ज नहीं
की है। आवेदन
में आरोप लगाया
गया कि पुलिस
की स्काॢपयो वाहन
में शराब की
बोतले और झूठे
बतर्न रखे हुए
थे। जिससे स्पष्ट
होता है कि
पुलिस कर्मीयों ने
जमकर शराब का
सेवन किया हुआ
था। आवेदन के
माध्यम से मारपीट
करने वाले सभी
पुलिस कर्मीयों के
खिलाफ एफआईआर दर्ज
करने की मांग
की गई।दिन भर के चले घटना क्रम के दौरान महिला कांग्रेस नेत्री व जनपद पंचायत की पूर्व अध्यक्ष अनार चैहान, कांग्रेस के राहुल परिहार, अनिल श्रीवास्तव, अनिल थेपड़िया, इरफान मंसूरी, राजेंद्र टवली, सिराजुद्दीन भाया ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश चैहान, बहादुर, राजू भाई खरपई आदि सक्रिय रहे और प्रदर्शन में भाग लिया।
इनका कहना
है-
नानपुर पुलिस ने
जो किया है
वह आरंभिक जांच
में गलत पाया
गया है,दोषी
पुलिस कर्मीयों के
खिलाफ निलंबन की
कार्रवाई कर दी
गई है विभागीय
जांच के बाद
सख्त कार्रवाई की
जाएगी। जनता
के द्वारा पुलिस
हाय हाय के
नारे लगाए गए
है आगे ऐसा
ना हो इसके
लिए हम निष्पक्ष
कार्रवाई करेगी।
विपुल श्रीवास्तव, एसपी आलीराजपुर।












