जोबट विधायक सेना पटेल के पुत्र पर दर्ज हत्या के प्रयास का प्रकरण हाईकोर्ट ने किया निरस्त

 पटेल दंपति ने प्रेस वार्ता में कहा भाजपा सरकार के दबाव में पुलिस ने झूठा प्रकरण दर्ज किया था

विधायक सेना पटेल ने फैसले को सत्य की जीत बताया, एसपी बोले  फरियादी आरक्षक ने आरोपी से समझौता कर लिया  

आशुतोष पंचोली

आलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ

जिले की विधानसभा सीट जोबट से कांग्रेस की विधायक सेना महेश पटेल के पुत्र पुष्पराज पटेल उर्फ भयू के खिलाफ आलीराजपु कोतवाली में दर्ज हत्या के प्रयास की एफआईआर को माननीय उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने अपने आदेश में निरस्त कर दिया है। ज्ञात रहे कि गत 13 जुलाई 25 की रात को पुष्पराज पटेल पर आलीराजपुर कोतवाली में पुलिस ने बीएनएस की धारा 109-2 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। जिसे पुष्पराज ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। गुरुवार को मप्र आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल व जोबट विधायक सेना पटेल ने पटेल हाउस पर पत्रकार आयोजित कर कहा कि माननीय न्यायालय ने मेरे पुत्र पुष्पराज पटेल को बरी कर न्याय प्रदान किया है। इसके लिए हम माननीय न्यायालय का हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हैं। यह प्रकरण पूरी तरह से राजनीतिक दबाव में षड्यंत्रपूर्वक बनाया गया था। मेरे परिवार और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुँचाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने गलत धाराएँ लगाकर मेरे बेटे को झूठे मामले में फँसाने का प्रयास किया। दूसरी ओर एसपी ने इस मामले में मीडिया को कहा कि फरियादी आरक्षक राकेश ने आरोपी पुष्पराज से समझौता कर उच्च न्यायालय में पेश किया इस आधार पर न्यायालय ने एफआईआर निरस्त की। पुलिस विभाग आरक्षक राकेश के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेगा।



राजनीतिक दबाव में की झूठी एफआईआर

पत्रकार वार्ता में पटेल दंपति ने संयुक्त रुप से बताया कि इस पूरे मामले में मैं तत्कालीन एस.पी. राजेश व्यास और एडिसनल एसपी व टीआई पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाएंगे क्योंकि मेरे परिवार की छवि धूमिल की गई और हमें राजनीतिक रूप से नुकसान पहुँचाया गया। उन्हौंने कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं, दिनांक 13-07-2025 को हुई दुर्घटना को पुलिस ने हत्या का मामला बनाकर मेरे पुत्र पर झूठा केस बनाया। इससे पहले भी आत्महत्या के एक प्रकरण में राजनीतिक दबाव में पुलिस ने पुष्पराज पर झूठा आरोप लगाया था। यह सर्वविदित है कि सत्य परेशान हो सकता है, पर कभी पराजित नहीं। पूर्व में भी माननीय न्यायालय ने पुष्पराज पटेल को दोषमुक्त किया था और इस बार भी न्यायालय ने पुलिस की साज़िश को खारिज करते हुए उन्हें दोषमुक्त किया।



 

इस आधार पर न्यायालय ने दिया फैसला

जानकारी दी गई कि माननीय न्यायालय ने स्पष्ट माना कि धारा 307 एवं (109 )बीएनएस जैसे गंभीर अपराध लागू नहीं होते। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 109 यहाँ लागू नहीं होती। फरियादी को कोई गंभीर चोट नहीं आई। कोई हथियार का उपयोग नहीं हुआ। मेडिकल रिपोर्ट / एमएलसी उपलब्ध नहीं है तथा पुलिस डायरी में भी दोष सिद्ध नहीं हुआ। इन सभी तथ्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने प्रकरण को निरस्त कर दिया।


विपक्ष में है तो क्या हुआ हम डरेंगे नहीं

 विधायक सेना महेश पटेल ने आगे कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने का प्रयास करती है और पुलिस के माध्यम से षड्यंत्र रचती है, उससे हम डरने वाले नहीं हैं। भाजपा के मंत्री और सांसद चाहे कितनी भी दबाव डाल लें, हम न कभी डरे हैं और न ही डरेंगे। हम जनता की सेवा करते आए हैं और आगे भी पूरी निष्ठा से करते रहेंगे। हम मानते हैं कि पुलिस का दायित्व जनता की रक्षा करना है, परंतु राजनीतिक दबाव में मेरे परिवार को बार-बार झूठे मामलों में फँसाया गया। अन्य दुर्घटनाओं में साधारण धाराओं में केस दर्ज हुए, जबकि मेरे बेटे पर हत्या जैसी गंभीर धाराएँ लगाई गईं, जो न्यायसंगत नहीं है। मेरे परिवार की छवि धूमिल करने के ऐसे षड्यंत्र हमें डरा नहीं सकते। हम सत्य और न्याय के मार्ग पर सदैव डटे रहेंगे।  इस दौरान अभिभाषक राहुल परिहार, सर्वेश सिसौदिया व विधायक मीडिया प्रभारी सोनू वर्मा आदि उपस्थित थे।



क्या कहते है एसपी

पुलिस ने धारा 109 बीएनएस में प्रकरण दर्ज किया था। वह प्रकरण अभी विवेचना में है। माननीय उच्च न्यायालय में फरियादी राकेश व आरोपी ने एक समझौता पेश किया जिसकी न्यायालय ने पुष्टि की और उसी आधार पर न्यायालय ने प्रकरण रद्द किया है। चूंकि आरक्षक ने बिना किसी की सहमति से समझौता किया है जिस पर हम नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।

- बीएस विरदे प्रभारी एसपी आलीराजपुर


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