वैटनरी डिपार्टमेंट ने जांच के लिए नमूने, कारण अस्पष्ट
कट्ठीवाड़ा से प्रेम गुप्ता की रिपोर्ट
कोरोना संक्रमण के कहर को झेल रहे लोगों की परेशानिया कम होने की बजाय नई मुसीबतों की हल्की सी आहट भी उन्हें डरा रही है। क्षेत्र में अचानक अनेक जगहों पर कबूतरों के झुंड मृत मिलने से सनसनी फैल गई।पशु चिकित्सा विभाग ने मृत कबूतरों की जांच की है, किन्तु कारण पृरी तरह स्प्ष्ट नही हुआ है।
शुक्रवार सुबह, कस्बे के गांधी चौक स्थित कुछ मकानों की छत पर कबूतरों का झुण्ड का झुण्ड मृत मिला। मृत कबूतरों की बड़ी संख्या के चलते हैरान हुए लोगों ने जब एक दूसरे को इस संबंध में बताया तो पता चला कि कस्बे में और जगहों पर भी बढ़ी संख्या में कबूतर मृत पड़े है। तुरंत वेटनरी डिपार्टमेंट को सूचित किया गया। सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ नरेन्द्र भावरें ने अपने सहायक के साथ मृत कबूतरों का निरीक्षण किया।
फूड पॉयजनिंग भी हो सकता है कारण
बारिश के दिनों में धान बुआई का काम चल रहा है, हो सकता है कबूतरों के बड़े झुंड ने पेस्टिसाइड से उपचारित धान या किसी अनाज को खा लिया हो। यह कहना है डॉ नरेंद्र भावरें का। उनके अनुसार कबूतरों की जांच में उनके शरीर में धान ही पाया गया है। निमोनिया या किसी तरह के फ्लू के लक्षण उनमें नही पाएं गए है। बड़ी तादाद में कबूतरों के मरने की वजह कॉमन फूड पॉयजनिंग की ही बड़ी संभावना है।
आस पास के क्षेत्रों पर नजर रखना होगी
डॉ भावरें ने बताया कि आस आसपास के 10 किलोमीटर के क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में हमें निगाह रखना पड़ेगी, कहीं किसी अन्य पक्षी या पशु में इसी तरह की शिकायत आती है तो उनमें महामारी के होने की संभावना बढ़ जाती है। उनके अनुसार पक्षियों के लिए दाना चुगने वाले लोगों को यह सलाह दी गई कि वे पक्षियों को पूरी तरह से सुखा हुआ दाना ही दें। दाने में किसी तरह का मास्चर होने पर वह पशुओं के लिए जानलेवा सिद्ध हो सकता है।

