कलेक्टर मैडम ने मलाईदार विभाग के कार्यपालन यंत्री को बदला,
भाजपा सरकार आने के बाद जिले में अफसर को बदलने की पहली कार्रवाई
आशुतोष पंचोली
अलीराजपुर न्यूज। ब्यूरो चीफ
जिला कोविड-19 कोरोना वायरस के दौर से पूरे देश के साथ ही गुजर रहा है। ऐसे स्थिती में पिछले दो माह से जिले का प्रशासन पूरी तरह से कोरोना संक्रमण को रोकने की लड़ाई पुरजोर ढंग से लड़ रहा है। लेकिन कोरोना से कुछ राहत मिलने के बाद अब जिले में प्रशासनिक सर्जरी का दौर आरंभ हो गया है। अब ये किसके ईशारे पर होना आरंभ हुआ है या फिर कलेक्टर मैडम स्वयं संज्ञान ले रही है यह एक अलग बात है। जिले के एक मलाईदार विभाग ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जो कि आरईएस के अंग्रेजी नाम से ज्यादा फेमस है के ईई याने कार्यपालन यंत्री को बदलने के आदेश कलेक्टर सुरभि गुप्ता ने जारी कर दिए है। वहीं कलेक्टर मैडम के आदेश से जिले के डीपीसी महोदय ने 2017 याने 3 साल पुराने आदेश पर अब जाकर क्रियान्वयन कराने का बीड़ा उठाया है जो काम अब किसी डीपीसी ने नहीं किया वे अब करने जा रहे है। वहीं दूसरी ओर नगर के एक व्यापारी के यहां से सरकारी अनाज जब्त करने का मामला पहले तो दो तीन दिन तक दबा रहा किंतु बाद में प्रशासन ने अनाज जब्त करने का मामला दर्ज कर लिया है। नगर के ऐतिहासिक फतेह क्लब मैदान पर दो दिनों पूर्व पुलिस व प्रशासन की कार्रवाई का अलीराजपुर मीडिया ग्रुप में उल्लेख सदस्यों ने किया यह मामला भी दूसरे दिन भर पूरे नगर व जिले के व्यापारियों में सुर्खियों में रहा है। इस प्रकार की सारी खबरे पढ़िए आप अलीराजपुर न्यूज पोर्टल की हमारी सीरिज अलीराजपुर जिले की हलचल में और लाक डाउन के दौरान घर बैठे ही जिले की हलचल का आनंद लिजीए।
श्री हरेसिंह भावेल को ईई आरईएस का प्रभार
कलेक्टर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जिला अलीराजपुर के पद पर श्री हरेसिंह भावेल को प्रभार संबंधित आदेश जारी किये है। श्री सोहनसिंह झाणिया को अनुविभागीय अधिकारी आरईएस उपसंभाग चन्द्रशेखर आजाद नगर का प्रभार सौंपा गया है।
भाजपा सरकार में ईई का चार्ज मिला भी और गया भी
यहां यह उल्लेखनीय है कि आरईएस विभाग के प्रभारी ईई का चार्ज सोहनसिंह झाणिया को 2018 तक चले भाजपा शासन में ही मिला था। तबके प्रभारी ईई हरेसिंह भावेल को हटाकर ही झाणिया को ईई का प्रभार दिया गया था। अब चूंकि मार्च एंड में भाजपा सरकार की वापसी हुई तो ईई पद से हटाए गए भावेल भी मौके की तलाश में ही थे उन्हौंने अपनी तरकश से तीर निकाले और वापस ईई के पद पर आसीन होने में सफल हो गए। हालांकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान भावेल साब ने बहुत कोशीश की किंतु झाणिया उन पर भारी ही पड़े। तबके झाणिया समर्थक कुछ नेताओं ने कांग्रेस दरबार में उनका मामला जमा दिया तो वे इस पद पर टिके रहे। किंतु भाजपा सरकार आने के ठीक दो माह में उनका ईई का प्रभार उनसे वापस ले लिया गया। अब खेल किसके वजन से हुआ है सभी पाठक समझदार है क्यों कि गांधीजी भारत दे में हमेशा प्रासंगिक रहेंगे।
डीपीसी महोदय लगे है विभाग का ढंचरा सुधारने
जिला शिक्षा केंद्र में गत वर्ष पदस्थ हुए डीपीसी महोदय अपने विभाग व कार्यालय का ढंचरा सुधारने में लगे हुए है। उन्हौंने साल 2017 के एक आदेश पर क्रियान्वयन कराना आरंभ किया है उससे विभाग के कई कर्मचारियों आदि में हलचल मच गई है। इसी के साथ ही उन्हौंने अपने विभाग में सालों से जमे हुए कर्मचारियों को भी बीआरसी कार्यालय में अटैच्ड कर दिया गया है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डीपीसी को उक्त कर्मचारियों की कुछ ऐसी जानकारियां व रिकार्ड हाथ लगा है जिसमें कई प्रकार की अनियमितताएं है। डीपीसी में संविदा नियुक्ति पर पदस्थ हुए डाटा इंट्री आपरेटर के द्वारा करीब दस सालों से पूरे विभाग में अपनी धाक जमा ली थी और कई सारी शाखाओं का प्रभार स्वयं के पास होने से अपने हिसाब से काम काज किया, मनमाने ढंग से अखबारों में विज्ञप्ति में निकाली और विभाग से संबंधित काम काज के ठेके देने का काम करने में सहयोग किया साथ ही और किसी भी वरिष्ठ अफसर को यहां पर टिकने नहीं देने में भी अपना योगदान दिया। अब चूंकि सारा मामला कलेक्टर मैडम के संज्ञान में आ चुका है और इस मामले में जांच भी बिठा दी गई है इसलिए अब देर सबेर जिला शिक्षा केंद्र का सच सामने आएगा। कलेक्टर मैडम के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से जिला शिक्षा केंद्र कार्यालय से जुड़े और प्रभावित होने वाले कई कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक कर्मचारी ने अपने डाटा इंट्री आपरेटर की संविदा पोस्ट की नेम प्लेट भी डीईओ के नाम से बना कर टेबल पर लगा ली थी जो कि बाद में हटा दी गई।
सरकारी अनाज किया जब्त
खाद्य व आपूर्ति अधिकारी श्री गामड़ से मिली जानकारी के अनुसार मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर अलीराजपुर नगर के एक व्यापारी के यहां से 40 कट्टे अनाज के जब्त किए है। जिसका वनज 26 क्विंटल 92 किलो ग्राम व बाजार मूल्य 59240 रुपए है। अधिकारी श्री गामड़ ने बताया कि नागरिक आपूर्ति निगम व भारतीय खाद्य निगम के बारदाने होने, चावल की गुणवत्ता सार्वजनिक वितरण प्रणाली जैसे होने के कारण जब्त किया गया। मामले में मप्र सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदे 2015 की कंडिका 13 (2) के तहत तथा आवयक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त मामले में बाद में कार्रवाई की गई अब यह कार्रवाई किसके दबाव में हुई यह जनचर्चा का विषय बना हुआ है।
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