आरईएस विभाग के निर्माण कार्यों की जाँच ना होना जिला प्रशासन की भमिका पर संदेह-श्री पटेल

घटिया निर्माण कार्यों की जांच करवाने से क्यो कतरा रहा है प्रशासन 

अलीराजपुर न्यूज ब्यूरो। 

जिला ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यपालन यंत्री,  एसडीओ एवं उपयंत्रियों द्वारा मनरेगा योजना के तहत जिलेभर मे करवाएं गए निर्माण कार्यों में व्यापक भ्रष्ट्राचार, बड़े पैमाने पर घपलेबाजी व फर्जी मस्टरों द्वारा मजदूरों के हक पर डाका डालने का काम किया है। प्रशासन द्धारा जिम्मेदारों को लेकर घटिया निर्माण कार्यों की अभी तक ठौस जांच नही होना कई प्रकार की शंकाओ को जन्म देता है। विगत एक माह पुर्व कलेक्टर मनोज पुष्प को मय सबुतो के शिकायत-पत्र देने के बावजुद कोई कार्रवाई ना होना जिला प्रषासन की भुमिका पर संदेह जताता है। बहरहाल इस मामले को लेकर पुर्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेश पटेल ने सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल को पत्राचार कर मामले से अवगत कराया है। 


निर्माण कार्यो मे व्यापक भ्रष्ट्राचार एवं अनियमितताएं

पुर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश पटेल ने जारी प्रेस विज्ञप्ति ओर मे बताया कि आरईएस विभाग के जिम्मेदारो ने आपसी साठगांठ के चलते अलीराजपुर जिले के सभी विकासखंडों में मनरेगा योजना अंतर्गत अधिकांश निर्माण कार्य बेहद घटिया किस्म के किए गए हैं। उक्त निर्माण कार्य को देखने से पता चल जाएंगा कि निर्माण कार्य मे कितना भ्रष्ट्राचार एवं अनियमितताए की गई है। निर्धारित मापदंडों को दरकिनार कर आरईएस विभाग के जिम्मेदारों द्वारा निर्माण कार्यों में जमकर चांदी काटी गई है। पटेल ने बताया कि चेक डैम सहस्टॉप डेम एवं निस्तार तालाबों के निर्माणों में फर्जी मस्टरों का जमकर  उपयोग किया जाकर गरीब मजदूरों के हकों पर डाका डाला गया। शासन की मजदूरों को रोजगार उपलब्ध करवाने की जनहितकारी मंशाओं को ध्वस्त करते हुए मास्टर रोल में कई मजदूरों के फर्जी नाम दर्ज कर पेमेंट के माध्यम से घपलेबाजी को अंजाम दिया गया। जिसके चलते बड़ी संख्या में क्षैत्र के गरीब मजदूर रोजगार से वंचित होकर पलायन करने को विवश हो गए। पटेल ने बताया कि आरईएस विभाग द्वारा करवाए गए निर्माण कार्यों को देखने से ज्ञात होता है कि कार्य कितने स्तर हीन और घटिया किए गए हैं। कई स्थानों पर विभाग के जिम्मेदारों ने कमिशन बाजी कर घर बैठे शुद्ध मुनाफा अर्जित करते हुए 45 से 50 लाख के निस्तार तालाबों को ठेके पर कार्य देकर जमकर अनियमितताएं बरती है। इन तालाबो को आधी राषी मे ही निर्माण पुर्ण कर राषी निकालकर हजम कर ली गई है। पटेल ने बताया कि उनके द्धारा विगत माह मे कलेक्टर मनोज पुष्प को आरईएस निर्माण कार्यो के भ्रष्ट्राचार एवं अनियमितताओं को लेकर मय सबुतो के पत्राचार किया था। लगभग एक माह बीत जाने के बावजुद कलेक्टर महोदय ने आरईएस विभाग के कार्यपालन यंत्री, एसडीओं व उपयंत्रियों पर अभी तक कोई एक्षन नही लिया। ना ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की ना ही घटिया हिन निर्माण कार्यो के जांच के आदेष जारी किए गए है। पटेल ने बताया कि निर्माण कार्यो मे भ्रष्ट्राचार करने वाले अधिकारियो पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना चाहिए। षिकायत-पत्र के बावजुद कोई कार्रवाई ना होना जिला प्रषासन की भुमिका पर कई प्रकार की षंकाओ ओर संदेह को जन्म देता है। पटेल ने मप्र पंचायत विभाग प्रमुख सचिव से जिले के विकासखंडों में आरईएस विभाग द्वारा करवाए गए निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच करवाकर कार्यपालन यंत्री, एसडीओ एवं उपयंत्रियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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