अप्रैल का दूसरा सप्ताह उदयगढ़ क्षेत्र के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं रहा
उदयगढ़ से राजेश जयंत की रिपोर्ट
गुरुवार को सुबह सवेरे खबर मिली कि ग्राम धामंदा निवासी डूंगरसिंह दादा *तडवी* नहीं रहे। पूर्व सरपंच एवं क्षेत्र के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता के बारे में यह सुनकर और अधिक दुख हुआ कि उन्होंने सुसाइड किया है। जुझारू प्रवृत्ति के ऐसे व्यक्ति जिनका कहा समाज मे ससम्मान स्वीकार किया जाता रहा।
अनेक लड़ाई, झगड़े, घरेलू विवादों को चौपाल की बैठक मे ही निराकृत कर देने वाले डूंगरसिंह दादा का अचानक से इस तरह का स्वघाती कदम उठाना यकीन से परे है।
गुरुवार के घटनाक्रम पर यकीन और कयास के घोड़े दौड़ ही रहे थे कि शुक्रवार की सुबह एक और दुखद खबर ले आई।
पता चला बावड़ी खुर्द के निवासी अमरसिंहभाई का निधन हो गया। क्षेत्र के उत्कृष्ट किसान, हंसमुख, मिलनसार ऐसे उद्यमी जिनकी गिनती अविभाजित झाबुआ जिले के उन गिने-चुने लोगों में होती थी जो वैध तरीके से blasting compressor संचालित कर रहे थे।
उन दिनों क्षेत्र में अनेक अवैध ब्लास्टिंग कंप्रेसर संचालित थे। बाद में भी चलते रहे। अमरसिंह भाई ने जब-जब आपत्ति ली तो उल्टे उन्हें ही परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अच्छी खासी कद काठी के अमरसिंह भाई दूर्व्यसन से हमेशा दूर रहे। सच्चे,जुझारू, आदर्श व्यक्ति के रूप में वह हमेशा याद रखे जाएंगे।
दूसरे सप्ताह की तीसरी सुबह नॉर्मल रही मगर दोपहर मे एक और बुरी सूचना आ गई।पता लगा कि उदयगढ़ ग्राम के पटेल एवं बीएलओ लालू प्रसाद के पिता *वेस्तादादा मौर्य* का लंबी बीमारी के उपरांत शनिवार को निधन हो गया।
अत्यंत ही शांत प्रवृत्ति के मेहनतकश किसान एवं सामाजिक कार्यकर्ता वेस्तादादा मौर्य सामाजिक कुरीतियों के विरोधी होने के साथ ही आजीवन अनावश्यक खर्च के खिलाफ रहे।
उन्होंने अपने घर, परिवार, समाज को विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता के लिए मौन और मुस्कुराहट का मंत्र दिया।उदयगढ़ क्षेत्र के इन तीनों ही लोगों की खासियत यह रही कि इन्होंने हमेशा सही को सही और गलत को गलत कहा। एकमात्र डूंगरसिंह दादा Congress पार्टी से मृत्यु पर्यंत जुड़े रहे, जबकि अमरसिंह भाई और वेस्तादादा ने कभी किसी पार्टी का दामन नहीं थामा |
लगातार तीन दिन में जनजातीय समाज की इन तीन शख्सियत का हमेशा-हमेशा के लिए चले जाना घर, परिवार, समाज क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
हम कामना करते हैं कि ईश्वर इन तीनों शख्सियत की पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें। शांति प्रदान करें।


